वृंदावन : मंदिरों में होली की बयार सी चलने लगी कान्हा से लड़ गए नैन होली मैं तो खेलूंगी। इस मधुर गीत पर नाचती गातीं, इठलाती ब्रज वृंदावन की नारियां सब कुछ भूल अपने सांवरे सलोने की याद कर खो जातीं हैं। वातावरण में चहुंओर खुशी का माहौल, होली की मस्ती में सब खो जाना चाहते हैं।

Related Items
वृंदावन के 'मचान' से बड़े पर्दे तक पहुंचेगी देवराहा बाबा की कहानी...
विदेशी पैसे से समाज सेवा या कोई और खेल…!
दिल्ली और हरियाणा की गंदगी का बोझ झेल रहा है पूरा ब्रज मंडल