वृंदावन : मंदिरों में होली की बयार सी चलने लगी कान्हा से लड़ गए नैन होली मैं तो खेलूंगी। इस मधुर गीत पर नाचती गातीं, इठलाती ब्रज वृंदावन की नारियां सब कुछ भूल अपने सांवरे सलोने की याद कर खो जातीं हैं। वातावरण में चहुंओर खुशी का माहौल, होली की मस्ती में सब खो जाना चाहते हैं।






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