
मथुरा। कोई भी कार्य बिना भगवद् कृपा और सन्तों के आशीर्वाद के बगैर संभव नहीं है। यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में सन्तों का आशाीर्वाद भी और हरिनाम संकीर्तन का बल भी। यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा को लेकर वृन्दावन में साधु - सन्तों की बैठक हुयी। गोरे दाऊ जी आश्रम के चतुः सम्प्रदाय विरक्त वैष्णव परिषद् के अध्यक्ष पूज्य श्री प्रह्लाद दास जी महाराज की अध्यक्षता में सभा की गई। जिसमें यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में सम्मिलित होने की तैयारियों पर चर्चा की गई। श्री प्रह्लाद दास जी महाराज ने कहा कि यमुना सनातन धर्म का अभिन्न अंग है और धर्म की रक्षा करना सभी संतो का परम कर्तव्य है। इसलिये पदयात्रा में सभी सन्तों की भारी संख्या में सम्मिलित होना परम आवश्यक है। उपस्थित सभी पूज्य संतों द्वारा इस मत का अनुवोदन किया गया। इस अवसर पर पूज्य संत श्री हरिबोल बाबा महाराज, पूज्य श्री रामस्वरूप दास जी महाराज, महन्त प्रेमदास जी शास्त्री, पूज्य श्री गौर गोपाल दास जी, महन्त श्री सच्चिदानन्द दास जी महाराज, पूज्य श्री भक्त माल दास जी आदि उपस्थित थे।






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