नई दिल्ली । व्यापार सुगमता के मामले में वर्ल्ड बैंक ने लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में भारत 130वें नंबर है। इस लिस्ट को लेकर भारत की केन्द्र सरकार विश्व बैंक से काफी नाराज है। पीएम नरेन्द्र मोदी की सत्ता वाली सरकार के काबिज होने के बाद से भारत में व्यापार सुगमता बढाने के काफी प्रयास किए गए हैं। जबकि विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने निर्माण परमिट, कर्ज हासिल करने और अन्य मानदंडों के संदर्भ में नाममात्र या कोई सुधार नहीं किया है। भारत इस बात से काफी नाराज है। भारत द्वारा व्यापार सुगमता बढाने के तमाम प्रयासों के बावजूद भारत इस लिस्ट में सिर्फ एक पायदान ऊपर चढ सका है। अब केन्द्र सरकार ने इस लिस्ट को लेकर वलर््ड बैंक पर निशाना साधा है। केन्द्र सरकार का कहना है कि बीते एक साल में कारोबार को आसान बनाने के लिए सरकार ने करीब 1 दर्जन कदम उठाए गए हैं। इनको वर्ल्ड बैंक ने अपनी रिपोर्ट में शामिल नहीं किया।
इस लिस्ट में भारत के मुकाबले रूस, भूटान, दक्षिण अफ्रीका, चीन, नेपाल, श्रीलंका और ब्राजील आगे रहे हैं। लिस्ट में न्यूजीलैंड पहले पायदान पर है। वर्ल्ड बैंक की ओर से यह लिस्ट मंगलवार शाम को जारी की गई। केन्द्र सरकार का कहना है कि व्यापार की सुगमता बढाने के लिए भारत ने बीत एक वर्ष में जो कदम उठाए हैं, उन पर रिपोर्ट तैयार करते वक्त ध्यान नहीं दिया।
कारोबारी अनुकूलता की रैंकिंग में भारत के स्कोर में मामूली सुधार आया है और यह 55.27 हो गया है। भारत में बिजली कनेक्शन की सुविधा, सीमा पार कारोबार के नियम आसान करने और कर्मचारियों के बीमे आदि पर काम होने के चलते रैंकिंग में मामूली सुधार दिखा है।
साभार-khaskhabar.com






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