सत्यार्थी एवं मलाला युसुफ को शान्ति का नोबेल मिलना गर्व का विषय

बच्चों के अनुकूल विश्व के बढते कदम्

मथुरा। जस्टिस फाॅर चिल्ड्रन उ0प्र0 संयोजक सतीश चन्द्र शर्मा ने इस वर्ष का शान्ति नोवल पुरस्कार बाल अधिकार कार्यकत्र्ताओं को दिये जाने को बच्चों के अनुकूल विश्व के बढते कदम् के रूप में स्वागत किया है। यह पुरस्कार बाल अधिकार कार्यकत्र्ताओं के लिए विशेष है क्योंकि इस वर्ष का शान्ति पुरस्कार बाल अधिकारों के लिए कार्य करने वाले कैलाश सत्यार्थी एवं मलाला युसुफ जई को दिया गया है। भारतीय बाल अधिकार कार्यकत्र्ता कैलाश सत्यार्थी को शान्ति के नोवल पुरूस्कार के लिए चुना गया था जिन्हें अन्र्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस 10 दिसम्बर पर ओसलोसिटी हाॅल नार्वे में सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें बाल श्रम एवं बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए दिया गया। यह पुरस्कार सभी बच्चों के दमन के खिलाफ किये गये उनके संघर्ष के लिए दिया गया। ये जरूरी है कि बच्चों का आर्थिक मानसिक शोषण न हो। 6 जून 2014 को नोर्दन इण्डिया राउन्ड टेबिल कान्फ्रेंस बाल श्रम देहरादून में मुलाकात के दौरान बाल अधिकार कार्यकत्र्ता सतीश चन्द्र शर्मा द्वारा मथुरा जनपद में जस्टिस फाॅर चिल्ड्रन संयोजक एवं बाल कल्याण समिति सदस्य के रूप में किये जा रहे कार्यों से अवगत कराने पर कैलाश सत्यार्थी द्वारा मुक्त कंठ से प्रशंसा की गई। सहज एवं सरल स्वभाव के कैलाश सत्यार्थी को बाल अधिकारों के कार्य करने के लिए अनेक राष्ट्रीय एवं अन्र्तराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं बाल अधिकार कार्यकत्र्ता सतीश चन्द्र शर्मा देश के विभिन्न प्रदेशों में आयोजित बाल अधिकारों की बैठकों, सैमीनारों एवं कार्यशालाओं में भाग लिया जा रहा है। जस्टिस फाॅर चिल्ड्रन उ0प्र0 संयोजक एवं बाल कल्याण समिति न्यायपीठ सदस्य सतीश चन्द्र शर्मा द्वारा बाल अधिकारों के लिए सतत् रूप से संर्घष किया जा रहा जिसमें बाल श्रम बाल भिक्षा वृति, बाल विवाह, कन्या भू्रण हत्या जैसे मुद्दो पर आम जनता को जागरूक करने के लिए सत्त रूप से चलाये जा रहे हैं। स्कूलों में भयमुक्त शिक्षा अभियान स्ट्रीट चिल्ड्रन को शिक्षा से जोडने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मथुरा को बालश्रम मुक्त करने हेतु विभिन्न व्यापारिक संगठनों एवं प्रतिष्ठान मालिकों से बाल श्रमिक नियुक्त न करने के संकल्प पत्र भरवाये जा रहे हैं। समाज के सहयोग से ही बचपन को बचाया जाना सम्भव है। जस्टिस फाॅर चिल्ड्रन उ0प्र0 संयोजक सतीष चन्द्र शर्मा ने कहा कि बच्चों के अधिकारों का हनन हो रहा है जिसे रोके जाना सरकार एवं समाज दोनो की सामूहिक जिम्मेदारी है अनाथ बे सहारा बच्चों के लिए आवासीय प्रशिक्षण संस्थान बनाये जायें ऐसे बच्चों को शिक्षा एवं नौकरियों में आरक्षण दिया जाए। बाल अधिकारों के हनन को रोकने के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए तथा बच्चों के उत्पीडन करने वालों को सख्त एवं त्वरित कार्यवाही किये जाने की व्यवस्था की जाए शारीरिक एवं मानसिक विकलांग बच्चों के लिए विशेष संस्थान बनाये जायें। गरीब परिवारों को सरकार की लाभकारी योजनाओं का लाभ दिलाये जाना सुनिश्चत किया जाये जिससे बाल मजदूरी को कम किया जा सके।

 


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