भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना वर्ष 1935 में देश के केंद्रीय बैंक के रूप में हुई थी। प्रथम गोलमेज सम्मेलन की उप-समिति ने साफ-साफ शब्दों में कहा था कि सुदृढ़ नींव और किसी भी राजनीतिक प्रभाव से पूरी तरह मुक्त एक रिजर्व बैंक की स्थापना करने की नितांत आवश्यकता है, जिसके लिए हमें कोई भी कसर नहीं छोड़नी चाहिए। उप-समिति ने इसके साथ ही यह भी कहा था कि रिजर्व बैंक को मुद्रा के साथ-साथ मुद्रा विनिमय के प्रबंधन की अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।






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