
मथुरा। अगर आप यमुना एक्सप्रेस वे से आगरा या नोएडा जा रहे हैं तो संभल कर निकलें। कोहरे के कारण कम विजिबिलिटी होने पर गाडि़यों को एक्सप्रेस वे पर एंट्री नहीं दी जा रही है लिहाजा कोहरा छंटने तक वहीं खड़े रहकर इंतजार करना पड़ सकता है। शनिवार को भी कम विजिबलिटी होने पर एक घंटे के लिए वाहनों को रोक दिया गया था। कासना कोतवाली पुलिस ने जीरो पॉइंट पर गाडि़यों को एंट्री नहीं दी, जिससे लंबी कतार लग गई। पुलिस का कहना है कि कोहरा बढ़ने पर वाहनों को एक्सप्रेस वे पर नहीं जाने दिया जाएगा।
गौरतलब है कि विगत बुधवार को सुबह यमुना एक्सप्रेस वे के जेवर टोल प्लाजा के पास कोहरे के दौरान 30 गाडि़यां टकरा गईं थीं, जिसमें 5 लोगों की मौत हुई थी और 30 लोग जख्मी हुए थे। पुलिस ने कोहरा होने पर जीरो पॉइंट, जेवर, दनकौर, मथुरा और आगरा की तरफ से वाहनों को रोकने की योजना बनाई है। एसपी देहात डॉ0 बृजेश कुमार सिंह का कहना है कि आगे भी कोहरे के दौरान लोग एक्सप्रेस वे से न निकलें, तो बेहतर रहेगा। सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टिट्यूट (सीआरआरआई) के 4 वैज्ञानिकों की टीम शनिवार को यमुना एक्सप्रेस वे पहुंची। टीम ने एक्सप्रेस वे के निर्माण में हुई तकनीकी खामियों की जांच पड़ताल की। टीम ने जीरो पॉइंट से लेकर जेवर टोल प्लाजा तक जांच की। टीम ने एक्सप्रेस वे पर उस जगह जांच की जहां बुधवार को एक साथ 30 गाडि़यां टकरा गई थीं। सीआरआरआई की टीम का नेतृत्व डॉ0 एस0 वैले मोरमन और डॉ0 सेना गुप्ता कर रहे थे। इस दौरान उनके साथ यमुना एक्सप्रेस वे अथॉरिटी के डीजीएम आर के अरोड़ा, राइट्स और एक्सप्रेस-वे का निर्माण करने वाली एजेंसी के अधिकारी भी मौजूद थे। टीम ने एक्सप्रेस वे पर दी जा रही सुविधाओं की भी जांच की। टीम यमुना एक्सप्रेस वे के कंट्रोल रूम पहुंची। यहां सीसीटीवी के जरिए वाहनों की रफ्तार और लोगों के ड्राइविंग स्टाइल को नोट किया। साथ ही एक्सप्रेस वे की विडियोग्राफी भी कराई। अथॉरिटी के डीजीएम आर के अरोड़ा ने कहा कि 2 दिन बाद और कई टीमें भी जांच करने आएंगी।






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