मथुरा । हरियाली तीज पर आज शुक्रवार को ठाकुर जी को लाड़ लड़ाने के लिए सेवायतों ने विशेष तैयारी की हैं। घर-घर से लेकर मंदिरों तक हिंडोले सजाये जा रहे हैं। तलहटी में विराजमान गिरिराज प्रभु आज हरियाली के बीच नजर आएंगे। वैसे तो गिरिराज प्रभु हरी-भरी लता-पताकाओं के बीच में पूरे सात कोस में फैले हैं, लेकिन प्रमुख दानघाटी मंदिर में विराजमान गिरिराज प्रभु श्रीकृष्ण की बाल छवि में हरियाली तीज को दर्शन देंगे। गिरिराज प्रभु के सिर पर चांदी का छत्र तो चांदी-सोंने जंड़ित पोशाक और हाथ में सोंने की बांसुरी के अद्भुत दर्शन अपनी आभा बिखेरेंगे। ठाकुर जी के भव्य श्रंगार दर्शन के साथ मंदिर के बाहरी और भीतरी भाग को प्राकृतिक शैली को ध्यान में रखते हुए विशेष फूल बंगला और आधुनिक रोशनी के लिए लाइट लगाई गई हैं। मंदिर के सेवायत परीक्षित कौशिक ने बताया कि ब्रज में ठाकुर जी की पूजा बाल स्वरूप में ही की जाती है। यहां बाल पन में ही भगवान ने लीलाएं की हैं। इन लीलाओं के साक्षी हजारों वर्षों से गिरिराज प्रभु हैं। श्रावण महीने में झूलनोत्सव राधा और कृष्ण के प्रेम का प्रतीक है, पर यहां तो सात वर्ष की आयु में सात कोस में फैले गिरिराज पर्वत को उठाकर भगवान ने अपना स्वरूप प्रदान किया। इसी गिरिराज देव को श्रीकृष्ण के रूप में पूजा जाता है। कहावत है कि सब देवन कौ देव गिरिराज देव है। आज शुक्रवार को होने वाले दर्शनों के लिए सुबह की बेला में 5 बजे मंगलाभिषेक होगा। इसके बाद हजारों श्रद्धालु अपनी मनौती के साथ दुग्धाभिषेक करेंगे। दोपहर के बाद प्रभु का अनूठे श्रंगार के बीच फूल बंगला व छप्पन भोग के दर्शन प्रमुख सेवायत मथुरा प्रसाद कौशिक, लाला पंडित, पवन कौशिक, कन्हैया शर्मा, राज कुमार, धीरज कौशिक आदि के निर्देशन में होंगे।






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