सैकडों की संख्या में ग्रामीणों ने क्षेत्राधिकारी एवं उपजिलाधिकारी को दिया ज्ञापन
मथुरा। छाता बरसाना चैराहे पर गत दिन 30 नबम्बर की रात्रि को लगभग 6 बजे हुए एक्सीडेन्ट में एक युवक की मौत हो गई थी। जिससे क्षुब्ध होकर परिजनों व ग्रामीणों ने छाता बरसाना के दोनो तरफ के हाईवे पर घन्टांे जाम लगा दिया था। जिसको पुलिस प्रशासंन के आला अधिकारियों ने काफी मसक्कत के बाद जाम को खुलवाया। उक्त घटना के सन्दर्भ में एस.एस.आई प्रदीप कुमार द्वारा 18 नामजद तथा 150 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया था। जिसकी जानकारी 3 दिसम्बर को समाचार पत्रों के माध्यम से ग्रामीणों को हुई जिसमें कुछ निर्दोष लोगों के नाम लिखाये जाने से ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों में आक्रोश पैदा हो गया। जिसको लेकर सैकडो की संख्या में ग्रामीण व जनप्रतिनिधि थाने पहुॅचें।कोतवाली प्रभारी जी.सी तिवारी के न मिलने पर सभी लोग एकत्रित होकर क्षेत्राधिकारी योगेश पाठक एवं उपजिलाधिकारी गुलाबचन्द से मिलकर निर्दोष लोगों के नाम हटाये जाने की मांग की। इस मौके पर प्रताप चैधरी ने कहा कि मौके की स्थिति देखकर लोग एकत्रित होते गये और जाम जैसे हालत पैदा हो गये। और आपसे वार्ता करने के बाद जाम खोल दिया गया। वही दूसरी ओैर युवा नेता दिगम्बर सिंह ने कहा कि हाईवे जाम में दर्ज की गई प्राथमिकी को निरस्त किये जाने की मांग की और बरसाना चैराहे पर अन्डर पास बनवाये जाने की मांग की ताकि ऐसी अप्रिय दुर्घटनाओं से बचा जा सकें। इस मौके पर प्रताप चैधरी, मुकेश, भगतसिंह, राजू, लीला, इकराम, लेखराज, लटटू, यामीन, मोहनश्याम, ब्रजभूष्ण, दिलीप, सन्जू, नत्थी, राजेन्द्र सिंह, ओमी, प्यारेलाल, चन्दनसिंह, अर्जुन सिंह, प्रकाश आदि।





