‘भारत को ज्ञान प्रदाता के रूप में विकसित होने की है आवश्यकता’

‘भारत को ज्ञान प्रदाता के रूप में विकसित होने की है आवश्यकता’नई दिल्ली : विश्व की सबसे तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था का दर्जा प्राप्त करने के पश्चात भारत को अब ज्ञान के एक उपभोक्ता के स्थान पर ज्ञान प्रदाता के रूप में परिवर्तित होने की आवश्यकता है।


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