मृत्यु जीवन का अंतिम सत्य है। प्रकृति प्रदत्त यह शाश्वत नियम न नया है और न ही आश्चर्यजनक... लेकिन, बावजूद इसके यदि मृत्यु की इस अवश्यंभावी अनिवार्यता को हम सहज ही नहीं स्वीकारते तो स्पष्ट है कि जीवन के प्रति हमारी चाह और हमारा मोह कहीं अधिक गहरे हैं।

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