1 फरवरी को प्रदेश भर में भाकियू ( भानू ) कार्यकर्ताओ का यमुना मुक्ति के लिये होगा प्रदर्शन

श्री मान मन्दिर, श्रीमद् पुष्टिमार्ग एवं भारतीय किसान यूनियन (भानु) के संयुक्त तत्वाधान में यमुना का पुरातन स्वरूप पुनः ब्रज में प्रवाहित हो इसके सतत् प्रयास किया जा रहा है। एक ओर यमुना मुक्तिकरण अभियान के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं द्वारा शहरों और गांव - गांव जा यमुना भक्त तैयार किये जा रहे है दूसरी ओर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता भी अपनी कमर कस चुके है। भाकियू ( भानू ) के कार्यकर्ताओं द्वारा यमुना मुक्ति का आवह्न लेकर गांव गांव भ्रमण किया जा रहा है और ग्रामवासियों से 15 मार्च को कोसी दिल्ली तक होने वाली पदयात्रा में सम्मिलित होने की मांग की जा रही है।

दिनांक 18 जनवरी को भाकियू भानू के प्रदेश मुख्य महासचिव हरेश ठेनुआ के नेतृत्व में भाकियू भानू के पदाधिकारियों द्वारा गांव-गांव भ्रमण किया गया। जिसमें गढसौली, बरौली, बंदी और जादौंपुर में किसानो भाइयों के बीच में जाकर उनसे 15 मार्च को यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में चलने का आवह्न किया गया। 

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश मुख्य महासचिव हरेश ठेनुआ ने बताया कि इलाहाबाद में भाकियू ( भानू ) के त्रिदिवसीय शिविर में राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा यह निर्णय लिया गया कि यमुना मुक्ति को लेकर भारतीय किसान यूनियन के किसान कार्यकर्ता पूरे उत्तर प्रदेश में 1 फरवरी को सभी जिलों के जिलाधिकारियों को यमुना मुक्ति व भूमिअधिग्रहण बिल के विरोध में विरोध प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौपेगें। ज्ञापन सौंपने की जिम्मेदारी प्रत्येक जिलाध्यक्ष को सौंपे गयी है। उन्होने आगे जानकारी देते हुये बताया कि भाकियू ( भानू ) के कार्यकर्ताओं द्वारा गांव गांव जाकर किसानों को यमुना मुक्तिकरण  पदयात्रा में चलने का संकल्प दिलाया जा रहा है। 

भाकियू ( भानू ) के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष रतन सिंह पहलवान ने कहा कि किसानों की मजबूरी हो गयी यमुना को प्रदूषण मुक्त कराना क्योकि प्रदूषित जल के कारण किसानों की कृषि को नुकसान पहुॅच रहा है। 

भाकियू भानू के जिलाध्यक्ष ठा. रीतराम सिंह, जिलामहासचिव बलवीर सिंह, जिलाप्रभारी रोहतान सिंह, द्वारा भी 15 मार्च को पदयात्रा में चलने के लिये किसानों से अपील की गई। 

इस अवसर पर सूरज पहलवान, राधेश्याम, जीवन सिंह, रामबाबू, राधेश्याम, इन्द्रवीर, बौबी, गुत्थी, गोपाल, दिनेश, महावीर, प्रेमसिंह, हरपाल सिंह आदि उपस्थित रहे।  

 

13 फरवरी को वृन्दावन यमुना मुक्ति के लिये जुटेगें ब्रज के संस्कृत के छात्र 

यमुना की रक्षा के लिये समाज के प्रत्येग वर्ग को जोड़ा जा रहा है इसी क्र्रम में यमुना मुक्ति के इस अभियान को तीव्रता प्रदान करने के लिये हर कोई अभियान से जुड़ प्रयासों में तेजी ला रहा है। यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय प्रचार सचिव भागवताचार्य श्री भक्तशरण जी ने बताया कि आन्दोलन को और प्रभावी बनाने के लिये ब्रज में वेद- वेदान्त और शास्त्रो का अध्ययन कर रहे संस्कृत के छात्रो की आगामी 13 फरवरी को एक विशाल संगोष्ठी व कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है जिसमें ब्रज के सभी संस्कृत महाविद्यालयों को आमन्त्रित किया गया है। उन्होने बताया कि इस संगोष्ठी के माध्यम से ब्रज में संस्कृत का अध्ययन कर रहे हजारों छात्रों का अभियान में उनकी भूमिका सुनिश्त की जायेगी। इस संगोष्ठी में छात्रों को संस्कृत कई विद्वत जनों का सानिध्य प्राप्त होगा। 

इसी सन्दर्भ में अभियान के श्री महेश शास्त्री व राधाप्रिय ने धर्मसंग के प्राचार्य प्रख्यात विद्वान पं सच्चिदानन्द द्विवेदी एवं हरदेव संस्कृत विद्यालय के प्राचार्य श्री डाॅ चन्द्रप्रकाश जी से मुलाकात की दोनो ने ही इस प्रयास को अभियान की सफलता के लिये आवश्यक बताया एवं इस कार्यक्रम में हर संभव सहयोग व मार्ग दर्शन देने के लिये आश्वस्त किया    

अष्टसखियों के गांव में यमुना मुक्ति के लिये किया गया जन संपर्क

यमुना मुक्तिकरण अभियान के सहसंयोजक सुनील सिंह द्वारा कार्यकर्ताओं के साथ अष्टसखियों के गांव डभाला, राकौली, नहारा, नहारा चैथ, रूपनगर आदि गांवो में 15 मार्च की पदयात्रा के लिये सघन जनसंपर्क किया गया। ग्रामवासियों द्वारा 15 मार्च की पदयात्रा में सहभागिता के लिये उत्साह दिखाया गया। सहसंयोजक सुनील सिंह ने कहा कि आज ब्रज में यमुना नहीं है फिर हम सब कैसे चैन से रह सकते है हम सच्चे ब्रजवासी है और हमारा यही धर्म है कि यमुना के लिये हम अपने सघर्ष करें। ग्राम वासियों द्वारा यमुना महारानी की जयकारें लगाते हुये 15 मार्च को चलने का संकल्प लिया गया। 

 


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