जब मैं स्कूल में पढ़ता था तो उस समय मेरी विज्ञान की पुस्तक में "जल" नामक एक अध्याय था, जिसकी आरंभिक पंक्ति थी- पानी-पानी हर तरफ, लेकिन पीने को बूंद नहीं।
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