स्तनपान : स्वास्थ्यवर्द्धक ही नहीं, जीवनरक्षक भी...

प्रत्येक बच्चे को जीवन के शुरुआती वर्षों में उचित शारीरिक वृद्धि और विकास के लिए पर्याप्त पोषण, उचित देखभाल, प्यार और स्नेह की जरूरत होती है। स्तनपान न केवल शिशुकाल/ बचपन के दौरान बल्कि बाद के वर्षों में भी उसके स्वस्थ जीवन की नींव रखता है।

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