दुनियाभर में ग्रामीण इलाकों में रहने वाले 2.5 बिलियन से ज्यादा लोग स्वच्छता की उचित सुविधाओं से वंचित हैं और एक बिलियन से ज्यादा लोग शौचालय न होने के कारण खुले में शौच करने के लिए विवश हैं। हमारे देश के हालात भी बेहतर नहीं हैं जहां आधी से ज्यादा आबादी खुले में शौच करती है।






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