दुनियाभर में ग्रामीण इलाकों में रहने वाले 2.5 बिलियन से ज्यादा लोग स्वच्छता की उचित सुविधाओं से वंचित हैं और एक बिलियन से ज्यादा लोग शौचालय न होने के कारण खुले में शौच करने के लिए विवश हैं। हमारे देश के हालात भी बेहतर नहीं हैं जहां आधी से ज्यादा आबादी खुले में शौच करती है।

Related Items
तेजी से उभर रहा है भारत का सुपरकंप्यूटिंग परितंत्र...
भारत में 'सामूहिक स्वभाव' बन रही है 'स्वच्छता'
भारत के सबसे तेजी से बढ़ते सेवा क्षेत्रों में से एक बना आयुष