
मथुरा। संत प्रभुदत्त ब्रह्मचारी महाराज का 25 वां द्विदिवसीय तिरोभाव महोत्सव वृंन्दावन नगर के वंशीवट स्थित संकीर्तन भवन में मनाया गया। इस संगोष्ठी में संतों ने उन्हें याद करते हुए कहा कि महाराज ने कभी धन का स्पर्श नहीं किया। संगोष्ठी के बाद फूलों की होली हुई जिसे देखने को श्रद्वालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। संगोष्ठी में मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास महाराज ने कहा कि संत प्रभुदत्त ब्रह्माचारी वृंदावन के महान संतो में थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन धर्म की रक्षा में व्यतीत किया। संत हरिबोल बाबा और राम गोपाल शास्त्री ने कहा कि संत प्रभु दत्त ब्रह्माचारी ने कभी ध्न का स्पर्ष नहीं किया। रविवार दोपहर बाद संकीर्तन भवन में श्री राधा कृष्ण के स्वरूपों ने संगीतमय गीतों पर नृत्य करते हुए फूलों की होली खेली। जिसे देखने को श्रद्वालुओं की भीड़ लगी रही। इस अवसर पर आचार्य बद्रीश, देवकी नंदन, प्रिया शरण, प्रेम प्रकाश, पुरुषोत्तम शरण, राम गोपाल शास्त्री, विनय त्रिपाठी, आचार्य मंगेश, उमाशंकर पांडेय, अंगद पांडेय, प्रवीन और भक्तमाल दास भक्तमाली उपस्थित रहे।






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