उप्र. ईंट निर्माता समिति के प्रांतीय महामंत्री प्रमोद चैधरी का स्मृति चिन्ह देकर स्वागत करते हुए
मथुरा। केन्द्र सरकार ने गजट लाकर ईंट भट्ठा उद्योग केा पर्यावरण किलियररेंन्स के दायरे से बाहर नहीं किया तो अगले वर्ष भट्ठों की चिमनियाॅ धूॅआ नहीं उगलेंगी। केन्द्र सरकार को इस मुद्दे की गम्भीरता से अवगत कराने के लिए देश भर के भट्ठा स्वामी 27 जुलाई को जन्तर मन्तर पर प्रदर्शन करेंगे। यह बात उप्र ईंट निर्माता समिति के प्रन्तीय महामंत्री प्रमोद चैधरी ने कही है।
पश्चिमी उप्र के दौरे पर निकले उप्र ईंट निर्माता समिति के प्रन्तीय महामंत्री कुछ देर के लिए बाजना कट पर रूकें जहाॅ पर मथुरा जिला ईंट भट्ठा एसो. के संरक्षक राजकुमार अग्रवाल मामा व महामंत्री भानुप्रकाश वाष्र्णेय ने अपने साथियों सहित पटुका उढ़ा कर व स्मृति चिन्ह भेंट करके प्रान्तीय महामंत्री का जोशीला स्वागत किया। प्रदर्शन की जानकारी देते हुए प्रमोद चैधरी ने बताया कि दो वर्ष पूर्व भी इस पर्यावरण किलियररेंन्स को लेकर ईंट भट्ठा उद्योग पर संकट के बादल छाये थे। जिसे उप्र सपा सरकार ने खनन एक्त में 35वाॅ एवम् 36वाॅ संसोधान सदन से पारित कराकर 2 मीटर तक की गहरी हाथ से खोदे जाने वाली मिट्टी के लिए ऐसी अनिवार्यता को खत्म कर दिया था। किन्तु केन्द्र सरकार ने आज तक भी ऐसा कोई कानून या अध्यदेश जारी नहीं किया जिससे भट्ठा संचालन मंे पर्यावरण किलियररेन्स से निजात मिल सके। कुछ लोग इसका फायदा उठा कर इस प्रकरण को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ले गये और वहाॅ से एक इकतरफा आदेश भट्ठों के खिलाफ करा लाऐ। गत सीजन में दो ऐसे तत्वों द्वारा बागपत अलीगढ़ के जिलाधिकारीयों को भी कार्ट आॅफ कन्टेम्प्ट में फंसा कर भट्ठों के खिलाफ कार्यवाही करने को मजबूर कर दिया। आगे के संघर्ष की रणनीति खुलासा करते हुए महामंत्री ने बताया कि हाई कोर्ट से लेकर सुपी्रम कोर्ट तक समिति इस सम्बन्ध में प्रभावी पैरवी कर रही है किन्तु केन्द्र सरकार के अडि़यल रवैये को देखते हुए आगामी 27 जुलाई को राष्ट्रीय यूनियन के अव्हान पर एक दिवसीय विशाल धरना आयोजन का फैसला लिया गया है जिसमें देश भर के भट्ठा स्वामी भाग लेंगे। इस अवसर पर राजू वाष्र्णेय, अनिल अग्रवाल, दीपेश राज, बाबी वाष्र्णेय आदि मौजूद थे।





