बढ़िया शेयरों के साथ कदमताल की कोशिश करते एक्टिव मोमेंटम फंड

भारतीय शेयर बाजार में निवेश के नए-नए तरीकों के बीच एक्टिव मोमेंटम फंड तेजी से अपनी जगह बना रहे हैं। इन फंडों की मूल धारणा यह है कि बाजार में जो शेयर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और जिनमें तेजी का तगड़ा रुझान है, उनमें निवेश करके उस गति का लाभ उठाया जाए।

हालांकि, व्यवहार में हर फंड की रणनीति अलग होती है। कोई फंड तेजी से पोर्टफोलियो बदलता है, तो कोई अपेक्षाकृत धीमी गति से; कोई बड़े शेयरों को अधिक महत्व देता है, तो कोई मिड और स्मॉल कैप में अवसर तलाशता है। यही कारण है कि एक ही मोमेंटम थीम वाले फंडों के रिटर्न में भी बड़ा अंतर दिखाई दे सकता है। हाल के विश्लेषणों में मोमेंटम फंड के रिटर्न एक वर्ष के भीतर करीब -आठ प्रतिशत से 18 प्रतिशत तक के व्यापक दायरे में देखे गए हैं, जो इस श्रेणी की संभावनाओं के साथ-साथ उसके जोखिम को भी रेखांकित करता है।

इस समय निवेशकों के बीच जिन तीन फंडों की विशेष चर्चा है, उनमें निप्पॉन इंडिया एक्टिव मोमेंटम फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एक्टिव मोमेंटम फंड और क्वांट मोमेंटम फंड शामिल हैं। तीनों का उद्देश्य मोमेंटम आधारित निवेश से दीर्घकालिक पूंजी वृद्धि हासिल करना है, लेकिन उनकी उम्र, फंड आकार, पोर्टफोलियो संरचना और हालिया प्रदर्शन में स्पष्ट अंतर है।

निप्पॉन इंडिया एक्टिव मोमेंटम फंड इस समय तीनों में अपेक्षाकृत मजबूत हालिया प्रदर्शन दिखाने वाले फंडों में है। यह फरवरी 2025 में शुरू हुआ था। 31 जुलाई तक इसके नियमित प्लान का एक साल का रिटर्न 12.18 प्रतिशत और डायरेक्ट प्लान का 13.28 प्रतिशत था। स्थापना के बाद से ही फंड ने अपने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया है।

हालिया, ट्रेलिंग रिटर्न में भी निप्पॉन इंडिया एक्टिव मोमेंटम फंड ने मजबूती दिखाई है। अगस्त माह के मध्य तक इसके नियमित प्लान का एक वर्ष का रिटर्न लगभग 13.7 प्रतिशत और डायरेक्ट प्लान का करीब 14.9 प्रतिशत था। 31 जुलाई तक फंड का एयूएम लगभग 505 करोड़ रुपये था। पोर्टफोलियो में करीब 96 प्रतिशत हिस्सा इक्विटी में था और लार्ज कैप के साथ मिड और स्मॉल कैप में भी उल्लेखनीय निवेश था। आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फाइनेंस जैसी कंपनियां इसके प्रमुख निवेशों में शामिल थीं।

इस फंड की एक खासियत यह है कि इसका पोर्टफोलियो केवल कुछ चुनिंदा सेक्टरों पर निर्भर नहीं है। वित्तीय सेवाओं के अलावा सर्विसेज, ऑटोमोबाइल, कंज्यूमर स्टेपल और अन्य क्षेत्रों में भी इसकी मौजूदगी है। इससे निवेशक को एक ही सेक्टर पर अत्यधिक निर्भरता से कुछ राहत मिल सकती है, हालांकि मोमेंटम रणनीति के कारण पोर्टफोलियो में बदलाव तेज हो सकता है। निप्पॉन इंडिया के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 21 अगस्त को नियमित ग्रोथ प्लान का एनएवी 13.265 रुपये था और लॉन्च के बाद से इसका वार्षिकीकृत प्रदर्शन बेंचमार्क से बेहतर रहा है।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एक्टिव मोमेंटम फंड अपेक्षाकृत नया है। इसका आरंभ जुलाई 2025 में हुआ और इसलिए इसके पास लंबा प्रदर्शन इतिहास नहीं है। यही तथ्य निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसी फंड की गुणवत्ता को केवल कुछ महीनों या एक वर्ष के प्रदर्शन से पूरी तरह नहीं आंका जा सकता है। अगस्त के मध्य तक इस फंड का एक वर्ष का ट्रेलिंग रिटर्न लगभग 10.7 प्रतिशत था और इसका एयूएम 31 जुलाई तक लगभग 2,081 करोड़ रुपये पहुंच चुका था।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के पोर्टफोलियो में भी लार्ज कैप का हिस्सा सबसे बड़ा है, लेकिन मिड और स्मॉल कैप में भी निवेश मौजूद है। महिंद्रा एंड महिंद्रा, संवर्धन मदरसन, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक और लार्सन एंड टुब्रो जैसे शेयर प्रमुख होल्डिंग्स में शामिल रहे हैं। वित्तीय, कैपिटल गुड्स, ऑटोमोबाइल और सर्विसेज इसके प्रमुख सेक्टरों में हैं। मार्च माह तक के कमजोर बाजार फेस में फंड ने नकारात्मक रिटर्न देखा था, लेकिन उसके बाद सुधार भी दिखाई दिया। अप्रैल और मई के फैक्टशीट आंकड़ों में फंड ने अपने बेंचमार्क की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है, जो यह दर्शाता है कि एक्टिव मोमेंटम रणनीति बाजार की गिरावट के बाद बदलते रुझानों का लाभ उठाने की कोशिश कर सकती है।

तीनों में सबसे पुराना क्वांट मोमेंटम फंड है, जिसकी शुरुआत नवंबर 2023 में हुई थी। इसलिए, इसके पास निप्पॉन और आईसीआईसीआई के मुकाबले अपेक्षाकृत लंबा ट्रैक रिकॉर्ड है। 21 अगस्त को इसके नियमित ग्रोथ प्लान का एनएवी लगभग 15.31 रुपये और डायरेक्ट ग्रोथ प्लान का एनएवी करीब 15.85 रुपये था।

क्वांट मोमेंटम फंड का प्रदर्शन बताता है कि मोमेंटम निवेश में रिटर्न का रास्ता सीधा नहीं होता है। फरवरी तक एक वर्ष का प्रदर्शन बेहद सीमित था और अप्रैल में एक वर्ष की अवधि में फंड नकारात्मक हो गया था। इसके बाद बाजार में सुधार के साथ प्रदर्शन में तेजी आई। अगस्त के मध्य तक उपलब्ध आंकड़ों में फंड का एयूएम लगभग 1,356 करोड़ रुपये था और स्थापना के बाद से इसका औसत वार्षिक रिटर्न लगभग 16.85 प्रतिशत रहा। यह उतार-चढ़ाव इस बात का उदाहरण है कि मोमेंटम फंड में निवेशक को केवल हालिया अच्छे प्रदर्शन के आधार पर फैसला नहीं करना चाहिए।

क्वांट की रणनीति की एक विशेषता उसका डायनेमिक और मात्रात्मक मॉडल आधारित निवेश दृष्टिकोण है। फंड हाउस के अनुसार, इसका उद्देश्य केवल तेजी वाले शेयरों का पीछा करना नहीं, बल्कि निकट और अल्प अवधि के जोखिमों को भी सक्रिय रूप से प्रबंधित करना है। कमजोर मूल्य और अर्निंग्स मोमेंटम के दौरान फंड ने अपेक्षाकृत रक्षात्मक रुख अपनाया और बाद में टेलीकॉम, कैपिटल गुड्स और पावर जैसे क्षेत्रों में एक्सपोजर बढ़ाया, जबकि एफएमसीजी और कुछ अन्य क्षेत्रों में कमी की।

इन तीनों फंडों की तुलना करें तो निप्पॉन इंडिया एक्टिव मोमेंटम फंड हालिया प्रदर्शन के आधार पर सबसे प्रभावशाली दिखाई देता है। इसका एक वर्ष और स्थापना के बाद का रिटर्न बेंचमार्क से स्पष्ट रूप से बेहतर रहा है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एक्टिव मोमेंटम फंड का फंड आकार तेजी से बढ़ा है और उसने कठिन बाजार चरण के बाद सुधार दिखाया है, लेकिन उसका ट्रैक रिकॉर्ड अभी छोटा है। क्वांट मोमेंटम फंड के पास तुलनात्मक रूप से लंबा इतिहास है, लेकिन इसके प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव अधिक स्पष्ट दिखाई देता है। यही उतार-चढ़ाव मोमेंटम निवेश की प्रकृति को समझने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।

निकट भविष्य में इन फंडों की उपयोगिता काफी हद तक बाजार की दिशा और उसकी गति पर निर्भर करेगी। यदि भारतीय बाजार में स्पष्ट सेक्टोरल और स्टॉक-विशिष्ट ट्रेंड बनते हैं, तो सक्रिय मोमेंटम रणनीतियां अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं। लेकिन यदि बाजार बार-बार दिशा बदले, तेजी से रोटेशन हो या वैल्यू और मोमेंटम शेयरों के बीच अचानक बदलाव आए, तो इन फंडों को झटके भी लग सकते हैं। हालिया विश्लेषण भी यही संकेत देते हैं कि मोमेंटम फंड में अलग-अलग पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग और रणनीतियों के कारण रिटर्न में बड़ा अंतर हो सकता है।

इसलिए, निवेशक के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह नहीं है कि कौन-सा मोमेंटम फंड अगले छह महीनों में सबसे अधिक रिटर्न देगा। अधिक महत्वपूर्ण यह है कि क्या निवेशक इतनी अस्थिर रणनीति को अपने पोर्टफोलियो में शामिल करने के लिए तैयार है। ये फंड किसी नए या अत्यधिक जोखिम से बचने वाले निवेशक के लिए पूरे इक्विटी पोर्टफोलियो का विकल्प नहीं हैं। इन्हें एक विविधीकृत पोर्टफोलियो के सीमित हिस्से के रूप में देखा जा सकता है। लंबी अवधि, कम से कम पांच वर्ष या उससे अधिक का निवेश क्षितिज, और गिरते बाजार में भी निवेश बनाए रखने की क्षमता मोमेंटम फंड में निवेश के लिए अधिक उपयुक्त हो सकती है।

निप्पॉन इंडिया एक्टिव मोमेंटम फंड इस समय हालिया प्रदर्शन के आधार पर मजबूत दावेदार दिखता है, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एक्टिव मोमेंटम फंड बड़े एयूएम और उभरते ट्रैक रिकॉर्ड के कारण ध्यान देने योग्य है, जबकि क्वांट मोमेंटम फंड उन निवेशकों के लिए रोचक हो सकता है जो इसके अधिक गतिशील और आक्रामक मात्रात्मक दृष्टिकोण के साथ आने वाले उतार-चढ़ाव को स्वीकार कर सकते हैं। लेकिन, तीनों में निवेश का निर्णय केवल पिछले रिटर्न के आधार पर नहीं होना चाहिए। मोमेंटम रणनीति बाजार की गति को पकड़ सकती है, लेकिन जब बाजार की गति बदलती है तो यही रणनीति तेजी से कमजोर भी पड़ सकती है। इसलिए, निकट भविष्य में इन फंडों से लाभ की संभावना जरूर है, लेकिन इसके साथ जोखिम भी उतना ही वास्तविक है।

अंततः, सक्रिय मोमेंटम फंडों को निवेश का जादुई फार्मूला नहीं, बल्कि एक विशेष निवेश रणनीति के रूप में देखना चाहिए। जिन निवेशकों के पास पहले से लार्ज कैप, फ्लेक्सी कैप या इंडेक्स फंड जैसे विविधीकृत निवेश हैं और जो अपने पोर्टफोलियो का एक सीमित हिस्सा उच्च जोखिम वाली रणनीति को देना चाहते हैं, उनके लिए यह श्रेणी उपयोगी हो सकती है। मौजूदा आंकड़ों में निप्पॉन इंडिया का प्रदर्शन सबसे मजबूत दिखाई देता है, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल का आकार और उभरती रणनीति आकर्षक है और क्वांट का लंबा लेकिन अधिक उतार-चढ़ाव वाला रिकॉर्ड अनुभव प्रदान करता है। समझदारी इसी में है कि निवेशक किसी एक फंड के पिछले प्रदर्शन के पीछे भागने के बजाय अपनी जोखिम क्षमता, निवेश अवधि और पूरे पोर्टफोलियो की संरचना को ध्यान में रखकर निर्णय लें।

* अस्वीकरण : यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसे व्यक्तिगत निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। प्रतिभूतियों और म्यूचुअल फंड्स में निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन हैं, और पिछला प्रदर्शन भविष्य के परिणामों की गारंटी नहीं है। किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, ट्रेडिंग कॉल या जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है और यह प्रतिभूतियों को खरीदने या बेचने का प्रस्ताव या निवेश सलाह नहीं है। यह स्पष्ट करता है कि सभी निवेश निर्णय उपयोगकर्ता के स्वयं के जोखिम पर हैं और पूंजी हानि हो सकती है। उपयोगकर्ताओं को केवल इस जानकारी पर निर्भर नहीं होना चाहिए, बल्कि किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपनी स्वतंत्र शोध करनी चाहिए। मीडियाभारती और लेखक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड, यानी सेबी, के साथ अधिकृत निवेश सलाहकार या परामर्शदाता के रूप में पंजीकृत नहीं हैं। मीडियाभारती परिवार से जुड़े कुछ सदस्यों के व्यक्तिगत पोर्टफोलियो में यहां विमर्श किए गए शेयर हो सकते हैं। साझा किए गए विचार, रिपोर्ट और सिफारिशें केवल सूचना और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए हैं। इन्हें निवेश, कानूनी या कर सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी वित्तीय स्थिति पर सावधानीपूर्वक विचार करें और निवेश निर्णय लेने से पहले परामर्श करें।

* इस लेख के कुछ अंश विभिन्न एजेंसी और वित्तीय रिपोर्ट से लिए गए हैं।



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