‘भाषिणी’, भारत की भाषाई विविधता को एक सूत्र में बांधने का प्रयास...


‘भाषिणी’ भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था में बदलने के डिजिटल इंडिया दृष्टिकोण को साकार करती है। भाषाई विविधता का समाधान करके यह डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देता है, जिससे नागरिकों को अपनी पसंदीदा भाषा में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, शासन और अन्य जरूरी सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में मदद करती है।

‘भाषिणी’ एक अग्रणी पहल है जिसका उद्देश्य भारत के भाषाई स्पेक्ट्रम में डिजिटल सामग्री और सेवाओं तक सबके लिए पहुंच को संभव यानी लोकतांत्रिक बनाना है। यह समावेशिता और पहुंच को बढ़ावा देकर डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के उद्देश्यों को पूरा करता है।

Read in English: 'Bhashini', an effort to bind India's linguistic diversity in one thread...

राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन के रूप में, भाषिणी भाषा के अंतर को पाटने के लिए अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता और प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण तकनीकों का उपयोग करता है, जिससे उपयोगकर्ता अपनी पसंदीदा भाषा में सामग्री और सेवाएं हासिल कर सकता है। भाषिणी का क्रियान्वयन डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग करता है जो इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की धारा 8 कंपनी डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के तहत एक प्रभाग है।

बीते जनवरी माह में, सेना दिवस के अवसर पर, रक्षा उत्पादन विभाग की नई भाषिणी-एकीकृत वेबसाइट 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराई गई थी। इसी दौरान, ई-श्रम पोर्टल पर बहुभाषी कार्यशीलता शुरू की गई। ई-श्रम पोर्टल को अपग्रेड करने के लिए इस परियोजना का लाभ उठाया गया, जो पहले केवल अंग्रेजी, हिंदी, कन्नड़ और मराठी में उपलब्ध था, अब इसमें 22 भारतीय भाषाएं भी शामिल की गई हैं।

अगस्त 2024 में, भाषिणी के सहयोग से विकसित बहुभाषी ई-ग्राम स्वराज मंच लॉन्च किया गया, जिसका उद्देश्य भाषा की बाधाओं से परे यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक नागरिक अपनी भाषा में आसानी से डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर सके।

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने कई भारतीय भाषाओं में तकनीकी पुस्तकों सहित स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की पुस्तकों का अनुवाद करने के लिए अनुवादिनी ऐप का लाभ उठाया है। ये अनुवादित पुस्तकें सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध हैं।

प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग कई सरकारी फाइलों और रिपोर्टों के अनुवाद के लिए भाषिणी के अनुवादिनी ऐप का इस्तेमाल कर रहा है। इनमें एनईएसडीए-वे फॉरवर्ड, सीपीजीआरएएमएस से संबंधित मंत्रालयों व विभागों की रिपोर्ट, सीपीजीआरएएमएस से संबंधित राज्यों की रिपोर्ट, सीपीजीआरएएमएस की वार्षिक रिपोर्ट, शिकायत निवारण सूचकांक की रिपोर्ट, सचिवालय सुधार रिपोर्ट और विभाग की मासिक सारांश रिपोर्ट शामिल हैं।

सीपीजीआरएएमएस इस विभाग के तहत देश का सबसे बड़ा शिकायत निवारण पोर्टल है जिस पर 22 भाषाओं में शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं। कोई भी नागरिक सीपीजीआरएएमएस पर भाषिणी की मदद से अपनी क्षेत्रीय भाषा में शिकायत निवारण पा सकता है। हर साल 2.5 लाख शिकायतकर्ता इस सुविधा का उपयोग कर रहे हैं।

भाषिणी ने सफलतापूर्वक 10 करोड़ मासिक परिणाम की सीमा को पार कर लिया है, जो एआई भाषा प्रौद्योगिकी क्षेत्र में इसकी बढ़ती पहुंच और प्रभाव को दर्शाता है। एनपीसीआई, आरबीआईएच, ग्रामीण विकास मंत्रालय, लोकसभा व राज्यसभा, आदि जैसे प्रमुख सरकारी निकायों और निजी क्षेत्र के भागीदारों सहित 50 से अधिक हितधारक अब भाषिणी के साथ सह-कार्य कर रहे हैं।

भाषिणी-संचालित मोबाइल ऐप को 700,000 से अधिक बार डाउनलोड किया गया है, जो इसकी व्यापक स्वीकृति और पहुंच को दर्शाता है। भाषिणी 100 से अधिक विविध उपयोग मामलों में मदद करता है, जो उद्योगों और क्षेत्रों में मंच की अनुकूलनशीलता को प्रदर्शित करता है।

यह प्लेटफॉर्म 300 से अधिक एएआई-आधारित भाषा मॉडल पेश करता है, जो एआई भाषा प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अत्याधुनिक समाधानों के विकास को आगे बढ़ाता है। भाषिणी के योगदान को विभिन्न मंचों पर सराहा गया है, जिसमें एआई, डिजिटल बदलाव और समावेशिता में यह अग्रणी रहा है।



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