संपादकीय

‘‘कांग्रेस सदस्यों में सरदार वल्लभभाई पटेल विभाजन के सबसे बड़े समर्थक थे लेकिन उन्हें भी विश्वास नहीं था कि भारत की समस्याओं का सबसे बेहतर समाधान विभाजन हो सकता है। उन्होंने अपने आप को बंटवारे के पक्ष से बाहर रखा। उनका कहना था कि इससे रंजिश और दंभ बढ़ेगा। उन्होंने अपने आप को हर कदम पर तब दुविधा में पाया जब तत्कालीन वित्‍तमंत्री लियाकत अली खां ने उनके प्रस्ताव ठुकरा दिए। बेहद गुस्से में उन्होने फैसला किया कि अगर कोई विकल्प न बचे, तो बंटवारे का प्रस्ताव मान लिया जाए। उनका विचार था कि अगर यह प्रस्ताव मान लिया गया तो यह मुस्लिम लीग के लिए एक कड़वा सबक होगा। पाकिस्तान थोड़े ही समय में लड़खड़ा जाएगा और जो सूबे भारत छोड़कर पाकिस्तान में शामिल हुए हैं उन्हें बहुत मुश्‍किलों का सामना करना होगा’’ - मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ने अपनी आत्मकथा ‘‘इंडिया विन्स फ्रीडम’’ में यह बात आजादी मिलने के 10 साल बाद 1957 में लिखी। (Read in English: Maulana Abul Kalam Azad And Partition…)

Read More

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में नई सरकार ने पहले छह माह का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था के वास्तविक क्षेत्रों की गतिविधियों में वापसी के पूर्वानुमान जैसे कि कृषि, उत्पादन और सेवा क्षेत्र में उल्लेखनीय और काफी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है। 

Read More

बच्चे देश की संपति हैं। वे भारत के भावी नागरिक हैं। देश के मानव संसाधन विकास के लिए बच्चों में निवेश मददगार है। एक खुशहाल बच्चा अपने घर और देश को खुशहाल बनाएगा। किसी भी देश का भविष्य बच्चे के उचित लालन-पालन पर निर्भर करता है। इसके लिए सौहार्दपूर्ण माहौल तथा बच्चे के संपूर्ण विकास के लिए उचित अवसरों का होना आवश्यक है। 

Read More

स्वतन्त्रता के 67 वर्ष पूरे हो गए हैं और भारत विकासशील से विकसित देश होने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

Read More

डिनर के बाद खाने को मिली 'पारले मेलोडी' की दो टॉफियों में से एक, अपने साथ शाम को पार्क में घूमने वाले मित्र 'तौमर साब' को पकड़ाई तो 'रैपर' उतारते-उतारते याद आया कि हमारे पीएम नरेंद्र मोदी ने 'स्वच्छता अभियान' चलाया हुआ है और हमें यूं ही सड़क पर इन रैपर को नहीं छोड़ना चाहिए।

Read More

“वृद्ध होना विकास से जुड़ा मुद्दा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्वस्थ वृद्ध व्यक्तियों के बारे में अपने 1996 के ब्रासीलिया घोषणापत्र में कहा कि स्वास्थ्य वृद्ध व्यक्ति अपने पूरे परिवार, अपने समुदाय और अर्थव्यवस्था के लिए संसाधन होता है। (Read in English: ‘Leaving No One Behind: Promoting A Society For All’)

Read More



Mediabharti