मथुरा

नई दिल्ली । भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा चीन के पेइचिंग में जी-20 बैठक में मुलाकात करेंगे। बताया जा रहा है कि सितंबर के पहले सप्ताह में होने वाली इस मुलाकात में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात हो सकती है। आतंकवाद और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में इस मुलाकात के दौरान चर्चा की उम्मीद जताई जा रही है। साउथ ब्लॉक सूत्रों के अनुसार, माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान आर्थिक और सुरक्षा के मुद्दों पर भी चर्चा होगी। हाल में हुई आतंकी घटनाओं के मद्देनजर वैश्विक आतंकवाद पर भी दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच बातचीत हो सकती। एनएसजी में भारत की सदस्यता के लिए अमेरिका की तरफ से कोशिश की गई थी, लेकिन चीन के अडिय़ल रवैये की वजह से बात नहीं बन सकी।                     साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । पठानकोर्ट एयरबेस हमला मामले में अमेरिका ने भारत को पाकिस्तान के खिलाफ अहम सबूत दिए हैं। अमेरिका ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को 1,000 पन्नों का डॉजियर सौंपा है। इसमें जैश-ए-मोहम्मद के संचालक कासिफ जान और चार फिदायीन के बीच हुई बातचीत दर्ज है। इससे पठानकोट एयरबेस हमले में पाकिस्तानियों के शामिल होने को लेकर दी जा रही भारत की दलीलों को काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है।   यह बातचीत कुछ वैसी है जैसी 2008 में मुंबई ब्लास्ट से पहले लश्कर के आतंकियों के बीच हुई थी। ठीक वैसे ही जैसे लश्कर ेक आका कराची के एक सुरिक्षत ठिकाने में बैठकर लोगों को मारने के लिए अपनी भयानक कहानी की स्क्रिप्ट लिख रहे थे। इससे साफ होता है कि पठानकोर्ट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले की हर साजिश पाकिस्तान में रची गई थी। उस दौरान भी लश्कर के सरगना कराची से ही मुंबई धमाके की साजिश कर रहे थे।   पाकिस्तान से लगातार 80 घंटे तक संपर्क में थे फिदायीन   पठानकोट हमले के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के चारों फिदायीन पाकिस्तान स्थित पंजाब का नासिर हुसैन, गुजरांवाला का अबू बकर और सिंध प्रांत का उमर फारूख और अब्दुल कयूम लगातार 80 घंटे तक पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से लगातार संपर्क में थे। डोजियर में पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आकाओं के बीच एक तय समय में हुई बातचीत भी दर्ज है।   सबूतों की जांच कर रही है एनआईए  अमेरिका ने एनआईए को म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी (एमएलएटी- पारस्परिक विधि सहयोग समझौता) के तहत ऐसी तमाम जानकारियां सौंपी हैं। फिलहाल एनआईए के अधिकारी इन सबूतों का विश्लेषण कर रहे हैं।  जांच से पता चलता है कि वॉट्सएप पर चैट करने के अलावा कासिम जान एक फेसबुक अकाउंट भी चला रहा था। यह फेसबुक अकाउंट उसी नंबर से जुड़ा हुआ था जिससे हमलावरों ने एसपी सलविंदर सिंह को किडनैप करते वक्त पठानकोट से कॉल किया था। इन आतंकियों ने ‘मुल्ला दादुल्ला’ के फेसबुक अकाउंट से जुड़े नंबर से भी पाकिस्तान में कॉल किया था। यह अकाउंट भी कासिम जान ही चलाता था और इन्हें पाकिस्तान स्थित टेलिकॉम फम्र्स (टेलेनॉर एंड टेलेनॉर पाकिस्तान कम्युनिकेशंस कंपनी लिमिटेड, इस्लामाबाद) के आईपी अड्रेस का इस्तेमाल करके एक्सेस किया जा रहा था। इन फेसबुक पेजों पर जिहादी कंटेंट, वीडियो और कमेंट मौजूद हैं। इनमें पाकिस्तान में प्रशासन द्वारा जैश के आतंकियों को गिरफ्तार किए जाने की निंदा की गई है।आतंकियों ने जैश-ए-मोहम्मद की फाइनेंशियल बॉडी अल-रहमत-ट्रस्ट के नंबरों पर भी कॉल किया था। इस बारे में भारत ने अमेरिका से टेक्निकल डिटेल्स मांगी थीं। एनआईए ने अमेरिका से इन चैट्स और अकाउंट्स की डिटेल मांगी थी। सूत्रों का कहना है कि अमेरिका ने एनआईए से सारी जानकारियां शेयर की हैं। हम उन मोबाइल नंबरों का खुलासा नहीं कर रहे हैं, क्योंकि अभी उनकी जांच चल रही है। अमेरिका द्वारा सौंपे गए इन सबूतों से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मसूद अजहर को आतंकी घोषित किए जाने के लिए भारत की अर्जी को भी मदद मिलेगी।                      साभार-khaskhabar.com  

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बॉलीवुड की बेबी डॉल सनी लियोन ने हिन्दी सिनेमा में अपनी साख मजबूत करने में लगी हुई है। रियलिटी शो बिग बॉस से सुर्खियों में आई सनी लियोन यह नहीं सोचती है कि मुझे बडी फिल्में ही करनी है। सनी को आइटम सॉन्ग का ऑफर आता है वो झट से हां कर देती है। जिस्म-2 से बी टाऊन में एंट्री करने वाली सनी लियोन और अभिनेता अरबाज खान ने आगामी फिल्म ‘तेरा इंतजार’ की शूटिंग शुरू कर दी है। वे पहली बार साथ दिखाई देंगे। नवोदित राजीव वालिया द्वारा निर्देशित फिल्म संगीत रोमांस के रूप में चिह्नित है। सनी लियोन ने गुरुवार को ट्विटर पर फिल्म के सेट से अपनी और अरबाज की तस्वीर साझा की। सनी लियोन ने तस्वीर का शीर्षक लिखा, ‘‘हमारी फिल्म का पहला दिन। अरबाज खान।’’अरबाज ने यही तस्वीर माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर साझा की। ‘तेरा इंतजार’ की शूटिंग कथित तौर पर कच्छ के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय स्थानों पर भी होगी।     साभार-khaskhabar.com  

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भारतीय टीम के फिरकी गेंदबाज एक बेटी के पिता बन गए।सूत्रों के मुताबिक गीता बसरा ने बुधवार को लंदन में बेटी को जन्म दिया। बता दें अब भज्जी कप्तान धोनी और सुरेश रैना  की तरह प्राउड डैडी क्लब में शामिल हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक गीता और उनकी बेटी दोनों ही बिल्कुल स्वस्थ हैं।सूत्रों के मुताबिक गीता अपनी पहली सालगिरह के मौके पर बच्चे के साथ भारत वापस आएंगीं। कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर गीता ने अपनी गोद भराई की तस्वीरे साझा की थी।  बता दें, गीता बसरा और हरभजन सिंह की शादी बीते 29 अक्टूबर को संपन्न हुई थी। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही भारतीय आल राउंडर सुरेश रैना भी एक बनती पिता बने थे, जिसका नाम उन्होंने ग्रेसिया रखा हैं।       साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । देश के शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में शुक्रवार को गिरावट का रुख देखने को मिल रहा है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.40 बजे 73.95 अंकों की गिरावट के साथ 28,134.67 पर, जबकि निफ्टी भी लगभग इसी समय 16.85 अंकों की कमजोरी के साथ 8,649.45 पर करोबार करते देखे गए।   बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 24.25 अंकों की बढ़त के साथ 28,232.87 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 2 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 8,668.30 पर खुला।        साभार-khaskhabar.com  

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मुजफ्फराबाद । पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चुनावों में धांधली को लेकर स्थानीय लोगों में फूटा गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की सरपरस्ती में हुई चुनावी धांधली से यहां के लोगों में पाकिस्तान के खिलाफ भारी गुस्सा देखा जा रहा है। पाकिस्तान ने 21 जुलाई को अपने कब्जे वाले कश्मीर में चुनाव कराया था। इस चुनाव के बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि आईएसआई ने नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग के पक्ष में खुलकर हेराफेरी की और इसी का नतीजा हुआ कि उसे 41 सीटों में से 32 पर जीत मिल गई। चुनावी नतीजे आने के बाद से स्थानीय लोग सडक़ पर उतरे हुए हैं। शुक्रवार को नीलम घाटी में गुस्साए लोगों ने पाकिस्तानी झंडे जलाए। इलेक्शन से जुड़े पोस्टर्स पर लोगों ने कालिख पोत दी। चुनावी प्रक्रिया और नतीजों के विरोध में मुजफ्फराबाद, कोटली, चिनारी और मीरपुर में लोग भारी संख्या में सडक़ पर निकल गए हैं। गुस्से में लोगों ने सडक़ पर टायर भी जलाए।   चुनाव में हार का सामना करने वाले एक मुस्लिम कॉन्फ्रेंस के नेता ने कहा, ‘चुनावों में हेराफेरी के बाद पीएम नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल (एन) प्रॉपेगैंडा फैला रहा है और लोगों की हत्या में लिप्त है। पीएमएल के सदस्यों ने मेरे दोस्त की हत्या कर दी। यदि प्रशासन हत्यारे के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करता है तो भविष्य की घटनाओं के लिए वही जिम्मेदार होगा। इस चुनाव में मुस्लिम कॉन्फ्रेंस और पीपीपी को तीन-तीन सीटें मिली हैं। राजनीतिक दलों ने चुनावों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मुजफ्फराबाद से नीलम घाटी तक के मतदाताओं ने शिकायत की है उन्हें वोट नहीं डालने दिया गया। पीओके के पूर्व प्रधानमंत्री और मुस्लिम कॉन्फ्रेंस के नेता बैरिस्टर सुल्तान मोहम्मद चौधरी ने कहा, इलेक्शन में भारी हेराफेरी की गई है। वोटर्स को खरीदने के लिए जमकर पैसे बांटे गए। मीरपुर इलाके में वोटर्स को पैसे देने के मामले खूब सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चुनावी नतीजा हमेशा फिक्स होता है। पाकिस्तान की जो सत्ताधारी पार्टी होती है उसे ही जीत मिलती है। इस मामले में उम्मीद न के बराबर होती है कि कोई तीसरी पार्टी को जीत मिले। एक स्थानीय नागरिक ने बताया, 2011 में पाकिस्तान पीपल्स पार्टी ने पीओके में सरकार बनाई थी, क्योंकि तब पाकिस्तान की सत्ता उसके पास थी। यह मजाक है कि लोगों को वोट देने का अधिकार है। यहां केवल चेहरे बदलते हैं। हमें हमेशा मूर्ख बनाया जाता है। मुस्लिम कॉन्फ्रेंस (एमसी) के एक समर्थक की पीएमएल (एन) के सदस्यों ने मुजफ्फराबाद में हत्या कर दी थी। इसके बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए पाकिस्तानी प्रशासन ने मीडिया को इसकी रिपोर्टिंग करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वास्तविक वोटर्स को वोटिंग से दूर रखा गया। कहा जा रहा है कि आईएसआई ने पीएमएल को जिताने की लिए चुनावो में धांधली की। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हुए चुनाव को लोग फर्जी बता रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन्होंने चुनाव में धांधली को लेकर शिकायत भी की लेकिन किसी ने सुनी नहीं। चुनावी प्रक्रिया में धांधली का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने बताया है कि यह कोई पहली बार नहीं है जब चुनाव के नाम कुछ भी निष्पक्ष तरीके से नहीं हुआ। हर चुनाव में यह देखने को मिलता है कि लोग सडक़ पर उतरते हैं और मीडिया में रिपोर्टिंग को बैन कर दिया जाता है। हर चुनाव में विदेशी पर्यवेक्षकों को भी नहीं आने दिया जाता। प्रशासन ने मीडिया पब्लिकेशन और प्रसारण को पूरी तरह से बैन कर दिया है। पीओके असेंबली हॉल और अन्य सरकारी इमरातों के पास भी प्रदर्शनकारी विरोध कर रहे हैं। इनका कहना है कि इन्हें मतदान करने से रोका गया।  साभार-khaskhabar.com  

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