नई दिल्ली : कुछ रेस्तरां, होटल और भोजनालय खाद्य और पेय पदार्थों का बिल लेते समय बिल में 'सेवा शुल्क' भी जोड़ देते हैं। 'सेवा शुल्क' से होने वाली आमदनी वे अपने पास ही रखते हैं। कुछ उपभोक्ताओं को गलतफहमी है कि रेस्तरां द्वारा यह 'सेवा शुल्क' कर के रूप में सरकार की ओर से लिया जा रहा है।
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