संविधान के इस संशोधन पर लगे खूब ठहाके


अमेरिका के पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। अपनी वाक्पटुता के लिए वह मशहूर थे।

बात तब की है जब अमेरिका का प्रजातंत्रीय संविधान तैयार करने के उद्देश्य से एक कमेटी बनाई गई तथा उसका अध्यक्ष जॉर्ज वाशिंगटन को ही चुन लिया गया।

संविधान सभा की एक बैठक के दौरान एक सभासद ने सैन्य संबंधी धाराओं के बारे में प्रस्ताव रखते हुए कहा कि अमेरिका के पास स्थायी सैनिकों की संख्या पांच हजार से अधिक न रखी जाए।

यह प्रस्ताव वाशिंगटन को कुछ जंचा नहीं लेकिन अध्यक्ष होने के नाते वह इसका विरोध नहीं कर पा रहे थे। अत: उन्होंने अपने बगल में बैठे एक अन्य सभासद के कान में धीरे से कहा कि वह अपनी ओर से इस संशोधन में एक वाक्य और जोड़ दें कि भविष्य में कोई भी देश एक साथ तीन हजार सैनिकों से ज्यादा फौज लेकर अमेरिका पर हमला न करे।

जैसे ही उन सभासद ने यह बात सभागार में कही तो सारा माहौल कहकहों से गूंज उठा।



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