मुंबई । रिलायंस जियो पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया में काफी सुर्खियां बटोर रहा है। इसकी दो वजह मानी जा रही है। पहली जियो की फ्री वाइॅस कॉल्स और बेहद सस्ती दरों पर डेटा ऑफर दूसरी इसके विज्ञापन में पीएम नरेंन्द्र मोदी की तस्वीरें। इस मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने पहली बार अपना पक्ष रखते रखा है।
भारत के सबसे अमीर शख्स ने कहा कि रिलायंस जियो इंफोकॉम महज एक टेलिकॉम ऑपरेटर नहीं, बल्कि इंटरनेट कंपनी है। यह इंटरनेट ऑफ थिंग्स, वर्चुअल रिऐलिटी और ड्राइवरलेस कारों सहित इनोवेशन की लहर पैदा करेगी। उन्होंने हालांकि कहा कि अभी फोकस कनेक्टिविटी बिजनस को मजबूत बनाने पर है, जिसे सर्विसेज के ऑफिशल लॉन्च के पहले कुछ दिनों में ही जोरदार रेस्पॉन्स मिला है।
अंबानी ने अखबारों में जियो के विज्ञापनों में पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीरों की आलोचना को खारिज किया। उन्होंने कहा कि जैसे वह आपके पीएम हैं, वैसे ही हमारे पीएम हैं। इसमें कोई राजनीतिक बात नहीं है। अगर हमने इसे (जियो का लॉन्च) उन्हें समर्पित नहीं किया होता तो यह एक तरह से अनुचित बात होती क्योंकि इस विजन (डिजिटल इंडिया) के लिए उन्हें ज्यादा श्रेय दिया जाना चाहिए। साथ ही अंबानी ने निवेशकों का डर दूर करते हुए कहा कि 2.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश, जियो के फ्री वाइॅस कॉल्स और बेहद सस्ती दरों पर डेटा ऑफर के बावजूद टेलिकॉम यूनिट लगाई गई पूंजी पर 18-19 पर्सेंट का दमदार रिटर्न देगी। अनिल अंबानी कहा कि मैं आपको विश्वास दिला सकता हूं कि हमें नुकसान नहीं होगा। हम भले ही बहुत मोटा मुनाफा न बना सकें, लेकिन अपनी पूंजी पर हमें 18-19 पर्सेंट रिटर्न मिलने की पूरी उम्मीद है।
फोर्ब्स के मुताबिक, अंबानी के पास 22.2 अरब डॉलर की संपत्ति है। अंबानी ने आरआईएल के इतिहास का हवाला दिया और कहा कि 40 साल पहले उन्होंने इसे जॉइन किया था और इस दौरान इसने शेयरहोल्डर्स को 20 प्रतिशत के सीएजीआर से रिटर्न दिया है। निवेशकों के धैर्य रखने पर जोर देते हुए अंबानी ने कहा कि मुझे लगता है कि गंभीर निवेशक इसे समझेंगे। करीब दो घंटे चली बातचीत में अंबानी ने बताया कि छोटे भाई अनिल अंबानी के साथ उनके संबंध मधुर हैं। जियो अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशंस के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में दूसरे ऑपरेटरों जैसा तालमेल करेगी। मुकेश अंबानी ने सेल्युलर ऑपरेटर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया के कामकाज की आलोचना की, जो देश की बड़ी टेलिकॉम कंपनियों की प्रतिनिधि संस्था है। अंबानी ने कहा कि वह इसमें लोकतंत्र लाएंगे।
अंबानी ने कहा कि कुछ महीनों पहले तक मुझे अहसास नहीं था कि यह है तो असोसिएशन, लेकिन मेंबर्स की वोटिंग उनकी कमाई पर निर्भर करती है। हमारे पास जीरो रेवेन्यू है, लिहाजा हमारी बात का वजन ही नहीं है। यह भले ही सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया है, लेकिन यह एक या दो ऑपरेटरों का ही नजरिया पेश करती है, न कि पूरी इंडस्ट्री का।
अंबानी ने कहा कि अगर टॉप दो ऑपरेटरों के पास 51 पर्सेंट हिस्सा तो असोसिएशन का ऑफिशल या सीईओ तो टॉप दो या तीन ऑपरेटरों का एंप्लॉयी जैसा हो जाता है। जब हमारे पास अच्छी आमदनी होगी तो हम इसका दुरुपयोग नहीं करेंगे। इसकी मैं गारंटी दे रहा हूं।
साभार-khaskhabar.com






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