मोदी के बाद किसकी बारी, आएंगे शाह या योगी कर रहे हैं तैयारी...!


वर्ष 2024 के सत्ता संग्राम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत पक्की मानी जा रही है। लेकिन, क्या अगले, यानी, साल 2029 के चुनावों में मोदी ही सत्ता के केंद्र में बने रहेंगे…? मोदी के बाद सत्ता का ताज किस मस्तिष्क पर सुशोभित होगा, यह यक्ष प्रश्न अब भारतीय जनमानस को गुदगुदाने लगा है।

नरेंद्र मोदी अब 75 वर्ष की अवस्था की ओर बढ़ रहे हैं। अब उनसे उम्मीद की जाने लगी है कि वह शीघ्र ही अपना कोई राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित करेंगे, परन्तु अभी तक ऐसा कोई संकेत उनकी तरफ से नहीं मिला है। क्या वह योगी आदित्यनाथ होंगे अथवा अमित शाह या कोई और..., अभी तक राजनीतिक विश्लेषकों को इससे संबंधित कोई सूत्र नहीं मिल पा रहा है।

जैसे-जैसे वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव आगे बढ़ रहे हैं तो पार्टी के रूप में भाजपा के बीच मोदी के उत्तराधिकार को लेकर सुगबुगाहटें शुरू होने लगी हैं। बीते दिनों पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सम्पन्न हुए एक राजपूत सम्मेलन में यह सामूहिक चर्चा का विषय रहा। राजपूत समाज में यह धारणा बन रही है कि मध्य प्रदेश से शिवराज सिंह चौहान, राजस्थान से वसुन्धरा राजे सिंधिया व छत्तीसगढ़ से रमन सिंह को जानबूझकर मुख्यमंत्री के रूप में चयनित नहीं किया गया। राजपूत समाज को डर है कि कहीं साल 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी तो ठीक वैसे ही किनारे नहीं लगा दिया जाएगा। हालांकि, किनारे किए जाने की परंपरा के बीच कितनी सच्चाई है, इसे प्रमाणित तो नहीं किया जा सकता है लेकिन, इस तरह की चर्चाएं समस्त राजनीतिक गलियारों में अब आम होने लगी हैं।  

वर्तमान में योगी आदित्यनाथ अपनी बढ़ती लोकप्रियता के कारण नरेंद्र मोदी के बाद भावी प्रधानमंत्री पद के लिए प्रबल दावेदार प्रतीत हो रहे हैं। लेकिन, विचारणीय सवाल यह है कि भविष्य में उठने वाले इस राजनैतिक सवाल का जवाब ढूंढने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका क्या होगी? अभी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने स्वयं को इस विषय से विरत किया हुआ है। लेकिन, जैसे-जैसे यह सवाल अपना आकार लेने लगेगा तो संघ को भी तत्कालीन राजनैतिक परिस्थितियों का पूर्ण आकलन करने के बाद अपना निर्णय सुनाना ही होगा।

(लेखक आईआईएमटी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हैं)



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