अद्भुद होता है कोसी का राम-भरत मिलाप

मथुरा । भगवान श्रीकृष्ण की कोषस्थली भरतमिलाप के दिन राम मय हो जाती है। चहुओर जयश्रीराम के जयकारे गुंजते है। भगवान श्रीराम के चैदह वर्ष के वनवास के बाद आज के दिन श्रीराम अयोध्या वापस आते हैं कोसी नगर मंे ही मानव श्रंृखला बनाकर पुरवासी पुष्पक विमान के सामने खडे हो जाते है। सबके मन मंे एक ही ललक होती है। वरिष्ठ पत्रकार भूमेश रूहेला बताते है कि भरतलाल सोचत हैं कि अपने प्रभू श्रीराम के दर्शन सबसे पहले हम करें। लेकिन 14 वर्ष से रामजी की खडंाऊ की सेवा कर रहे। भरत एंव शुत्रुघन को यह समाचार मिलता है तो वह नगे पैर ही अपने प्रभू श्रीराम की एक झलक पाने को दौड पडते है। लेकिन पुरवासियों की लम्बी कतार होने के कारण पुरवासियों के सिर पर कदम रखकरके पुष्पक विमान की ओर दौड देते है। और जल्द अपने भाई के समक्ष पहुचकर दोनो भाई एंव सीता माता की स्वागत कर आगवानी करते है। समूचे नगर को रंगबिरंगी लाईटों से सजाया जाता हैं। भरतमिलाप चैक पर भरत एंव शघ्त्रुघन को मानव श्रृखला के ऊपर चलता देख उपस्थित लाखों लोगो की आखें ठहर जाती है। रामलीला अध्यक्ष ठाकुर अजय पाल सिह एवं मत्री प्रमोद कुमार बठैनिया बताते हैं। कि मानवा श्रृखला की कतार में लगे जिन भक्तों के सिर पर प्रभू के चरण पड जाते है। वह धन्य हो जाते है। कोसीकलां में पुष्पक विमान रामलीला संस्थान के श्रगारियों द्वारा ही बनाया जाता है। जिसकी तैयारियां लगभग डेढ माह पूर्व से शुरू की जाती है। संस्थान के श्रृगारी बताते हैं कि पुष्पक विमान में लगभग 51 प्रकार के फूलों का प्रयोग किया जाता है व लगभग 400 सीट थर्माकाॅल जिनको काटकर मोर, हाथी, हिरन, खरगोस, आदि की आकृतियां वनायी जाती है। पुष्पक विमान की ऊचाई धरातल से लगभग 22 फुट होती है। पुष्पक विमान की लम्बाई लगभग 34 फुट होती है। पुष्पक विमान में ही रंगबिरंगे पानी के फब्बारे चलते है जिनको चलाने के लिए लगभग पांच मोटरो का प्रयोग किया जाता है। पुष्पक विमान पर विराजमान प्रभू श्रीराम का सिहांसन चहुओर घूमकर भक्तों को दर्शन देते है। पुष्पक विमान थाना रोड स्थित गयालाल स्मृति भवन से चलकर लगभग साढे चार किलोमीटर का सफर तय कर भरत मिलाप चैक पर पहुचता है। जहां श्रीराम- भरत का मिलन होता है। पालिकाध्यक्ष भगवत प्रसाद रूहेला नगर के प्रथम नागरिक होने के बास्ते समूचे नगर पर निगाह बनाये रहते है। पालिका द्वारा सभी व्यवस्थाऐं दुरूस्त करा दी गयी है। विजय शर्मा, मनोज माथुर, दीपक अनन्त, धर्मवीर अग्रवाल, जीतू बंसल, प्रदीप माथ्ुार, नितेश ठाकुर, गौरव ठाकुर, धैर्य माथुर,धैर्य अग्रवाल,  लगभग 11 बार श्री भरतलाल के चरणों को अपने सिर पर स्र्पश करा चुके है।।


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