
जलभराव और अव्यवस्थाओं के बीच भी नहीं डिगी आस्था
मथुरा। गिरि गोवर्धन धाम में बीती रात से आज सुबह तक श्रद्धालुओं की जमकर भीड़ बनी रही। मौसम ठण्डा होने और बरसात के बाद भी श्रद्धालुओं की भावनाएं गिरिराज महाराज के प्रति पूरी आस्थावान नजर आयीं। जगह-जगह अव्यवस्थाओं के आलम से जूझते श्रद्धालु परेशानियों के बाद भी परिक्रमा कर रहे थे। पुलिस प्रशासन की व्यवस्थाएं फेल हो जाने के बाद भी श्रद्धालुओं की आस्था नहीं डिग पायी। जगह-जगह जाम और उससे जूझते श्रद्धालु गिरिराज महाराज के जयकार के उदघोष लगा रहे थे। पुलिस द्वारा वाहनों को पैसे लेकर अंदर प्रवेश करवाने के कारण व्यवस्थाएं धरी रह जाती हैं। मात्र सौ रूपये के चक्कर में पुलिसकर्मी सारी व्यवस्थाएं भंग कर देते हैं। विद्युत विभाग ने भी इस बार परिक्रमार्थियों के साथ न्याय नहीं किया। बार-बार विद्युत गुल होने से श्रद्धालुओं की परेशानी बढ रही थी। सड़कें ठीक न होने और परिक्रमा मार्ग में ढंग से मिटटी न होने के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही थी। बरसात के कारण फिसलन और जगह-जगह जलभराव परेशानी का कारण बना था। एकादशी की पूर्व संध्या पर अधिक मास में आये श्रद्धालुओं ने पूरे भक्ति भाव के साथ गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा और मानसी गंगा में स्नान किया। मानसी गंगा का जल हालांकि स्नान लायक नहीं है, फिर भी श्रद्धा के वशीभूत परिक्रमार्थियों की आस्था बरकरार रही। परिक्रमा मार्ग में अवांछनीय तत्वों को तमाम घोषणाओं के बाद भी नहीं रोका जा सका। चोरी-उठाईगीरी और छिनैती की घटनाएं रूक नहीं पायीं। जिला प्रशासन और पुलिस के बड़े अधिकारियों द्वारा की गयीं तमाम घोषणाएं बेकार साबित हुयीं। इस बार तो पुलिस-प्रशासन ने अच्छे इंतजाम किये ही नहीं थे। बाहर से आने वाले श्रद्धालुआंे द्वारा की गयी सेवाओं से ही श्रद्धालु निहाल हुये। जिला प्रशासन तो इस तरफ से आंखें मूंदे था। जिलाधिकारी की घोषणाएं बेकार साबित हुयीं। यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन की टूटी फूटी व्यवस्थाएं श्रद्धालुओं के कष्ट का कारण थी। डग्गेमार वाहनों के जाम और पुलिस के बैरियरों पर तैनात सिपाहियों द्वारा अवैध वसूली ने परिक्रमा मार्ग में अव्यवस्थाएं पैदा कर दी थीं। स्थिति यह थी कि भीड़ के बाद भी परिक्रमा में चारपहिया वाहनों को पैसे लेकर प्रवेश दिया जा रहा था। अब अधिक मास समाप्ति की ओर है और अगले चार दिन जमकर लोगों की भीड़ आने की उम्मीद है।

जगह-जगह गंदगी के ढेर
स्थानीय नगर पंचायत गोवर्धन परिक्रमा और कस्बे में सफाई व्यवस्थाएं नहीं कर पाया। जगह-जगह गंदगी के ढेर श्रद्धालुओं की परेशानी का कारण बने थे। प्रशासन द्वारा सफाई व्यवस्था पर कतई ध्यान नहीं दिया गया जिससे गोवर्धन का नारकीय स्वरूप श्रद्धालुओं को नजर आया।
जगह-जगह जाम
मेला में तैनात पुलिस की लापरवाही के चलते गोवर्धन में आज सुबह जाम की स्थिति से लोगों को रूबरू होना पड़ा। स्थान-स्थान पर दुपहिया और चैपहिया वाहनों के प्रवेश ने गोवर्धन में जाम की स्थिति पैदा कर दी। पैसे लेकर वाहनों को प्रवेश कराते पुलिसकर्मी जरा भी नहीं हिचकिचा रहे थे। श्रद्धालुओं की भारी संख्या के चलते गोवर्धन से लेकर अड़ींग कस्बे तक वाहनों की लंबी कतारें सड़कों पर दिखाई दे रही थी। वहीं गोवर्धन की बड़ी परिक्रमा और छोटी परिक्रमा मार्ग में धड़ल्ले से श्रद्धालुओं के बीच चैपहिया वाहन प्रवेश करते नजर आ रहे थे। वहीं दण्डवती परिक्रमा लगाने वाले श्रद्धालु पुलिस को कोसते नजर आ रहे थे।
फव्वारों में स्नान का आनंद
एक ओर जहां श्रद्धालु मानसी गंगा में स्नान का आनंद ले रहे हैं। वहीं मंदिर मुकुट मुखाबिन्द परिसर में लगे फव्वारों पर भी भारी संख्या में श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं। श्रद्धालुओं के स्नान के लिए विशेष तौर पर यह फव्वारे लगाये गये हैं। सुबह से शाम तक श्रद्धालु इन फव्वारों पर स्नान करते दिखाई देते हैं।






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