मथुरा । बाल कृष्ण के धम में बाल उम्र में मेहनत करने वालों की कमी नहीं है। जब भी चेकिंग होती है खतरनाक एवं गैर खतरनाक दोनों श्रेणियों में बाल श्रमिक पकड़े जाते हैं। शासन के आदेश पर श्रम अध्किारियों ने इसी महीने 15 दिन चेकिंग अभियान चलाया तो 18 बाल काम करते पाए गए।
केंद्रीय सरकार ने 18 साल तक मजदूरी करने को गैरकानूनी करार दिया है। इससे पहले 14 साल के बालकों का काम करना प्रतिबंध्ति था। श्रम प्रवर्तन अध्किारी आरके सिंह ने बताया कि शासन से निर्देश मिलने पर 15 दिसंबर से 30 दिसंबर तक चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान 2 बाल श्रमिक खतरनाक श्रेणी के उद्योग में कार्य करते हुए तथा 16 बाल श्रमिक गैर खतरनाक श्रेणी के कार्य करते हुए पाए गए। इनमें दो श्रमिक 14 साल की उम्र से कम के तथा 16 श्रमिक 14 से 18 साल की उम्र के बालक थे। सिंह ने कहा कि नियोजकों को लिख दिया गया है। इस संबंध् में सीजेएम के न्यायालय से उचित कार्रवाई करने के लिए अनुरोध् किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बाल श्रमिक रखने वालों पर 20 हजार और 50 हजार जुर्माना किया जा सकता है। सिंह ने अभिभावकों से 18 साल उम्र तक के अपने बच्चों को पढ़ाने तथा नियोजकों से 18 साल तक के बच्चों से काम नहीं लेने का आग्रह किया है। चेकिंग अभियान में श्रम प्रवर्तन अध्किारी आरके बाजपेयी व हंसराज, बाल कल्याण समिति सदस्य सतीश चंद्र शर्मा शामिल थे।





