आत्मा का भोजन हरि कथा

पं0 लक्ष्मीकान्त शास्त्री

मथुरा, 17 अप्रैल। पूजा एन्कलेब में चल रही भागवत कथा के सातवें दिन भागवत वक्ता पं0 लक्ष्मीकान्त शास्त्री जी ने बताया कि जिस प्रकार शरीर को चलाने के लिये भोजन जरूरी होता है उसी प्रकार आत्मा को शुद्ध करने के लिये उसका भोजन केवल हरि कथा है। कृष्ण सुदामा चरित्र पर प्रकाश डालते हुये उन्होंने कहा कि सच्ची मित्रता में कभी भी स्वार्थ नही होता।  आज सभी भक्तों ने राधा कृष्ण संग मिलकर फूलों की होली का आनन्द लिया।, 

कथा में विशेष रूप से गोपाल चैधरी, केशव देव शर्मा, मनोहर लाल, राजू चैधरी, राजवीर चैधरी, कपिल देव शर्मा,सावित्री, तारा शर्मा, सरोज  आदि  ने सहयोग किया।

।। राधे राधे।।

 


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