मथुरा। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व घीरेन्द्र सिंह सचान की अध्यक्षता में कर करेत्तर, राजस्व वसूली एवं शासन संदर्भित मामलो की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। अपर जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री संदर्भ एवं स्टेट सर्विस डिलेवरी गेट वे, लोकायुक्त एवं अन्य आयोगो की ओर से प्राप्त संदभो की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इन अति महत्वपूर्ण संदर्भो को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करते हुए रिपोर्ट प्रशासन को उपलब्ध कराये ताकि शासन को शिकायत निस्तारण की सूचना समय से भेजी जा सके।
उन्होनंे राजस्व प्रशासन से संबंधित राजस्व वाद, प्रवर्तन एवं तहसील दिवस में प्राप्त होने वाली शिकायतो आदि की भी समीक्षा की। उन्होने सभी अधिकारियो से कहा कि अपने विभाग से संबंधित शिकायतो को वेबसाइट पर जाकर उसको देखे तथा निस्तारण में त्वरित कार्यवाही कर उसका निस्तारण समय सीमा के अंदर करे। उन्होंने मनोरंजन, सिंचाई, लोक निर्माण, खनिज , परिवहन,वन विभाग की वसूली की समीक्षा करते हुए अन्य विभागीय अधिकारियों को दिये गये लक्ष्य के अनुसार राजस्व वसूली प्रत्येक दशा में पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया है। कई विभागो को लक्ष्य से पिछड़ने पर उन्हें चेतावनी देते हुए कार्य में सुधार करके राजस्व वसूली बढ़ाने के लिये निर्देशित किया गया है। परिवहन अधिकारी को निर्देश दिये गये है ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार करें आटो सहित अनधिकृत वाहनों को बन्द करें अपर जिलाधिकारी ने कुछ विभागो द्वारा अच्छी राजस्व वसूली पर संतोष व्यक्त किया। लोक निर्माण विभाग की कार्य भी अच्छा पाया गया। आपूर्ति तथा राशन वितरण एवं बनाये जा रहे नवीन राशन कार्डो की समीक्षा की गयी, बाट मांप विभाग के भी अधिकारियो को निर्देशित किया गया है कि सघन अभियान चलाकर जांच कार्य पूर्ण कर राजस्व वसूली बढाये। खाद्य सुरक्षा तथा औषधि विभाग के अधिकारियो को भी निर्देशित किया गया है कि वे लगातार खाद्य वस्तुओ का निरीक्षण करे मिलावटी खाद्य पदार्थ किसी भी दशा में बाजार में न बिके, दूध तथा खोया तथा उससे निर्मित खाद्य पदार्थो की लगातार जांच कर उनकी सैम्पिलिंग का कार्य करे एवं नकली खाद्य पदार्थो को नष्ट करवाकर उनके विरूद्ध विधिक कार्यवाही अमल में लायी जाये। मुख्यचिकित्साधिकारी से कहा गया कि जिला अस्पताल सहित सभी स्वास्थ केन्द्रों पर चिकित्सों की समय से उपस्थिति तथा मरीजों का इलाज कराना सुनिचित करें।
उन्होनंे अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका, नगर परिषदों व्दारा की जा रही गृहकर वसूली तथा उनपर कर निर्धारिण कर राजस्व वसूली की जाये, प्रत्येक दशा में सभी आवासीय भवनों को कर के दायरे में लाकर राजस्व वसूली की जाये। उन्होांने आबकारी अधिकारी को निर्देश दिये है कि अवैध रूप से बिकने वाली शराब को जब्त करे तथा बेचने वाले लोगो को विधिक कार्यवाही कर पावंद किया जाये तथा उनके वाहनो को सीज किया जाये। अवैध शराब तथा अन्य प्रदेशों से आने वाली शराब पर कडी निगरानी रखकर सख्त कार्यवाही की जाये। शहर तथा अन्य ग्रामीण इलाको में शराब की दुकानो की लगातार मानीटरिंग कर उनपर विशेष निगरानी रखी जाये तथा राजस्व वसूली में किसी प्रकार की गिरावट भी न आये। उन्होंने चकबंदी, खाद्य सुरक्षा, आपूर्ति खाद्य तथा औषधी, स्वास्थ्य, सामाजिक वानिकी, बैंको आदि विभागो की भी वसूली तथा कार्यो की समीक्षा की।
विधिक देयों की समीक्षा में उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों तथा तहसीलदारों को निर्देशित किया है कि प्रत्येक सप्ताह वसूली की समीक्षा की जायें तथा समीक्षा रिपोर्ट से जिला प्रशाासन को अवगत कराया जायें। लापरवाह कर्मिर्यों एवं अमीनों पर भी उन्होंने कड़ी कार्यवाही करने तथा राजस्व वसूली बढ़ाने के निर्देश दिये। उन्होने बैठक अनुपस्थित कई विभागीय अधिकारियो का स्पष्टीकरण मांगने तथा पूरी तैयारी करके बैठक में आने हेतु निर्देशित किया है आधी अधूरी सूचनाओ के साथ बैठक मे आने पर उन्होने कडी नाराजगी व्यक्त की है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी कानून व्यवस्था,सुरेन्द्र कुमार शर्मा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) धीरेन्द्र प्रताप सिंह, नगर मजिस्ट्रेट हेमसिंह सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार तथा समस्त विभागीय अधिकारी आदि उपस्थित थे।





