श्री मान मन्दिर, श्रीमद् पुष्टिमार्ग एवं भारतीय किसान यूनियन ( भानू ) के संयुक्त तत्वाधान में चलाये जा रहे यमुना मुक्तिकरण अभियान में अब तीब्रता आ रही है। अभियान द्वारा अब मथुरा जिले में ही नहीं बल्कि उससे बाहर भी आगरा, होडल, फरीदाबाद कानपुर, इलाहाबाद आदि स्थानों पर यमुना मुक्तिकरण अभियान के कैम्प कार्यालय खोले जा रहे है जिससे भारी संख्या में लोग अभियान से जुड़ सके । इसी क्रम में यमुना मुक्तिकरण अभियान द्वारा रेलवे क्रासिग रावतपुर कानपुर महानगर में अभियान का क्षेत्रिय कैम्प कार्यालय खोला गया है जिसके माध्यम से कानपुर के हजारों भक्त यमुना आन्दोलन से जुड़ेगें। इस अवसर पर यमुना मुक्तिकरण अभियान के व्यासचार्य श्री महेशचन्द्र आचार्य, श्री भक्त शरण जी महाराज, अशोक आचार्य जी, मोहन जी, ब्रजरज आश्रित, आदि उपस्थित रहे।
यमुना मुक्तिकरण अभियान ने गांवो में गठित की अभियान की ग्राम कमेटी
यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री और सहसंयोजक सुनील सिंह ने गांवो में जन संपर्क कर ग्रामवासियों से 15 मार्च को यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में भाग लेने का आवह्न किया और गांवो में अभियान की ग्राम कमेटी गठित कर पदाधिकारियों को 15 मार्च की यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा की जिम्मेदारी सौंपी गई। अभियान द्वारा खामनी में जनसंपर्क किया गया जिसमें ग्रामवासियों द्वारा अभियान के पदाधिकारियों का स्वागत किया गया अभियान की टीम द्वारा गांव में प्रचार सामग्री वितरित कर ग्राम कमेटी गठित की गई जिसमें डाॅ जे.एस हरसाना , शिवचरन, लीला सिंह, नबाब खाँ आदि को गांव पदाधिकारी बनाया गया। यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री ने कहा कि 15 मार्च को जाने वाली पदयात्रा में ब्रजवासियों की सशक्त भूमिका की आवश्यकता है। ग्राम वासियों द्वारा हाथ उठाकर जय यमुना मैया के नारे लगाते हुये पदयात्रा में भाग लेने का संकल्प लिया। इसके बाद अभियान की टीम जुल्हेदी पहुॅची वहाॅ भी अभियान की ग्राम कमेटी गठित की गई। सभी ग्राम वासियों ने कहा पिछले यमुना आन्दोलन में हम सभी ने बढचढ कर भाग लिया था और इस बार पूर्व से भी ज्यादा संख्या में भाग लेगे और कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जायेगी। हमारे लिये श्री रमेश बाबा का आदेश भगवद आदेश के समान है एवं इस बार हम ब्रजवासी यमुना मैया को मुक्त कराकर ही ही लेगे। इस अवसर पर कुंवर जैन, ब्रजेश, खेम सिंह, महिपाल, पदम सिंह, राम सिंह, नवल सिंह, बाबा भगत राम, रतन सिंह, श्याम सुन्दर आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।





