किसान सड़कों पर उतरकर नए कृषि कानून का विरोध कर रहे हैं। लेकिन, ये पंजाब के किसान हैं। यूपी, बिहार, महाराष्ट्र या कर्नाटक के किसान इस तरह का विरोध नहीं कर रहे हैं। क्यों नहीं कर रहे हैं, यह सवाल है। क्या पंजाब के किसान नए कृषि कानूनों को समझ नहीं पा रहे हैं? इसके विपरीत, केंद्र सरकार विरोध कर रहे इन किसानों को क्यों नहीं समझा पा रही है? क्या किसानों की आड़ में नेतागिरी हो रही है? असली समस्या क्या है? इसका हल क्या है? ऐसे ही कई सवालों पर विचार-विमर्श के लिए आज हमारे साथ हैं वरिष्ठ पत्रकार प्रियरंजन झा। पूरा आलेख पढ़ने और साक्षात्कार में भाग लेने के लिए अभी सब्सक्राइब करें, मात्र एक रुपये में...






Related Items
राजनीतिक उलझनों के बीच कर्नाटक में बह रही है विकास की बयार
भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में भारतीय हस्तकलाओं का हुआ जीवंत प्रदर्शन
खिलाड़ियों व नेताओं के विरोध से हिंदी भाषा है ‘बेपरवाह’