कृष्णभक्ति के रंग पर नहीं चढ़ता दुनियादारी का रंग. देवकीनन्दन ठाकुरजी

शान्ति सेवा धाम पर हजारों श्रद्धालुओं ने मनाया होली महोत्सव

शान्ति सेवा धाम में अपने अनुयायियों के साथ होली खेलते देवकी नन्दन ठाकुर जी

वृन्दावन। वृन्दावन में आकर कन्हैया की भक्ति का रंग स्वतः ही चढ़ जाता है। एक बार अगर कृष्ण प्रेम में रंग गये तो इस रंग के ऊपर फिर दुनियांदारी का रंग नहीं चढ़ता। कृष्ण की भक्ति हमें प्रेम करना सिखाती है। आज पूरे संसार को मानवता और दयालुता के रंग की सबसे ज्यादा जरूरत है। हम सभी को बैरए वैमनस्य और दुर्भाव को छोड़कर एक दूसरे के प्रेम के रंग में रंगना चाहिये। छटीकरा स्थित शान्ति सेवा धाम पर 9 मार्च से चल रहे होली महोत्सव में रविवार को देवकीनन्दन ठाकुरजी महाराज ने कथा श्रवण को आये भक्तों को उपदेश देते हुये उक्त बातें कहीं। विभिन्न स्थानों से ब्रजवास को आये श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुये उन्होने कहा कि कन्हैया की नगरी से प्रेम का सन्देश लेकर जायें। प्रवचन के पश्चात शुरू हुये होली महोत्सव में श्रद्धालुओं ने महाराज श्री के साथ जलेबीए लड्डूए फूलए रंग और गुलाल की रंगारंग होली खेली। दोपहर 3 बजे शुरू हुये कार्यक्रम में महाराज श्री ने ब्रज की होली गीतों और भजनों से कृष्ण भक्तों को झूमने पर विवश कर दिया । पूरे आश्रम प्रांगण में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कुछ देर बाद ही होली की उमंग और तरंग और बढ़ी तो चारों और गुलाल और रंग की अद्भुत छटा दिखायी देने लगी। महाराज श्री ने गुलाल के साथ पिचकारी से रंग बरसाना शुरू किया तो भक्त उमंग में नाचने लगेे। कार्यक्रम में ब्रज के लोक कलाकारों द्वारा लठामार होली का प्रदर्शन किया गया। देर सांय तक यह कार्यक्रम चलता रहा। इस अवसर पर एमएल सोनीए राजेश कुमारए एचपी अग्रवालए आरके जैनए विजय शर्माए रवि रावतए जगदीश वर्माए मधु कपूर आदि के साथ हजारों की संख्या में लोगों ने सम्मिलित होकर ब्रज की होली का आनन्द उठाया।


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