क्षत्रिय महासभा ने की जातिगत आरक्षण की मांग

मथुरा। यात्रा के प्रथम दौर का आयोजन 82 लोधी स्टेट नई दिल्ली से झांसी तक के कार्यक्रम का शुभारंभ अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व केंद्रीय मंत्री सांसद राज्यसभा डा0 संजय सिंह ने कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष डा0 शिवराम गौर ने सामुहिक रूप से किया। जिसका नेतृत्व अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मोहन सिंह राजपूत व वीरागना महासभा की उप्र इकाई की अध्यक्ष शशि प्रभा सिंह चैहान की सामुहिक रूप से जिम्मेदारी सौपी गई। दिल्ली से फरीदाबाद, बल्लभगढ़, पलवल होडल तथा यूपी हरियाणा वार्डर तक हरियाणा प्रदेश के अध्यक्ष उमेश भाटी के नेतृत्व में संदेश यात्रा का जगह जगह जोशीला स्वागत हुआ। हरियाणा यूपी बार्डर पर बैण्डबाजों के साथ खजान सिंह, थान सिंह, कुशकुमार, अध्यक्ष लता सिंह चैहान व युवा क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष महावीर सिंह राजावत, अजय सिंह, सिसौदिया, रतन सिंह आदि कार्यकर्ताओं का पगड़ी पहनाकर पटुका पहनाकर तस्वीर भेंट कर जोशीला स्वागत व समर्थन कर पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इस मौके पर हुई सभा को सम्बोधित करते हुए सभा की अध्यक्ष शशिप्रभा सिंह चैहान ने कहा कि जातिगत आरक्षण से 5 प्रतिशत दलित व 5 प्रतिशत पिछड़ों को मात्र लाभ हुआ। 95 प्रतिशत दलित व पिछड़ों को कोई लाभ नहीं मिला है। जातिगत आरक्षण से जातिवादी व्यवस्था को और बढ़ावा मिला है। जो जिस जाति का था उस पर जातिगत आरक्षण के नाम पर पक्की मोहर लग गई है। मोहन सिंह राजपूत ने कहा कि जातिगत आरक्षण, राजनैतिक लोगों के वोट हथियाने का मात्र औजार बनकर रह गया है। लता सिंह चैहान ने क्षत्रिय सभा को ललकारते हुए कहा कि आज सबसे दयनीय दशा क्षत्रिय समाज की है। जो समाज सबकी रक्षा और पालन का कार्य करता था आज वह स्वयं की सुरक्षा व दो जून की रोटियों के लाले उसके सामने है। जिस समाज ने सबको सब कुछ दिया। आज वो ही सब कुछ पाने की वाट कर रहा है। जिसके लिए हमारी समाज के नेतृत्वकारी व जनप्रतिनिधि विशेष कर जिम्मेदार है।


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