मथुरा। आज सेठ हवेली राजाधिराज मंदिर के सामने विशाल गणगौर मेले का आयोजन शाम चार बजे से शुरू हो गया। गणगौर मेले में सुहागिन महिलायें पति की लम्बी उम्र की कामना करती हैं। इस दिन लड़कियां सुंदर, सुयोग्य पति प्राप्त करने को पूजा करती हैं। गणगौर पूजन स्त्रियां व लड़कियां अपने घर में भगवान गणेश और माता गौरी की पूजा कर कहानियां सुनाती हैं और फिर सेठ हवेली में आकर गणगौर मेले में गणगौर के दर्शन कर पुण्य की भागी होती हैं। महिलाएं अपने-अपने घरों से लायी गणगौर को यमुनाजी में विसर्जित करती हैं तथा घर में सुख, समृ(ि, शांति की कामनाएं करती हैं। यह मेला पिछले 200 वर्षों से निरंतर इसी स्थान पर सेठ विजय कुमार के वंशजों द्वारा मनाया जाता रहा है जिसमें आज शहर की महिलायें और लड़कियों ने भारी संख्या में भाग लिया। बेशकीमती जेवरातों से गणगौर सजाई गयी। इनका श्रृंगार दर्शनीय था। आज सेठ हवेली को भी पूरी भव्यता के साथ सजाया गया और नीचे तरह-तरह की दुकानें लगीं जिसमें महिलाओं ने चाट-पकौड़ी का लुत्फ उठाया। गणगौर मेले पर महिलायें घरों में बेसन और चीनी-आटे के पके ‘गुना’ बनाती हैं जिससे इसकी पूजा होती है।





