
एजेन्सी द्वारा ही ग्राहक की गैस चोरी कर पकड़े जाने पर दिखाई दबंगई
खुलेआम हो रहा ग्राहकों का शोषण
आॅन लाइन गैस बुकिंग हमारे लिये कोई महत्व ही नहीं रखती- एनके राजपूत
गिरिराज गैस एजेन्सी पर लगी ग्राहकों की लम्बी कतारें
गोवर्धन। सरकार के लाख प्रयासों के बावजूद भी गैस की कालाबाजारी रूकने का नाम नहीं ले रही है। सरकार की नित नयी घोषणाओं और रणनीतियों के बावजूद भी गैस की कालाबाजारी यहां एक बड़ा रूप ले चुकी है। जिसे रोक पाना शायद अब शासन प्रशासन के भी नियंत्रण से बाहर होता जा रहा है। गैस के काले कारोबार का एक ऐसा ही वाकया यहां कस्बे की गिरिराज इण्डेन गैस ऐजेन्सी पर देखने को मिला। जहां एक उपभोक्ता गैस बुकिंग कराने के बावजूद गैस पाने को ठोकरें खाता फिर रहा है जबकि अपने रिकाॅर्ड में गैस एजेन्सी एक माह पहले ही उसकी गैस उसके घर पहुंचा चुका है। वहीं इस बारे में पूछने पर गैस एजेन्सी मामले को छिपाने का प्रयास कर रही है।
गैस की कालाबाजारी के कारोबार में लिप्त कस्बे की गिरिराज गैस एजेन्सी का ये कोई पहला मामला नहीं है बल्कि हर माह यहां ग्राहकों को गुमराह कर उनकी गैस एजेन्सी यहां के दबंग संचालाकों द्वारा ही चोरी कर ली जाती है। बतौर एजेन्सी के ग्राहक संख्या 5316 मथुरा प्रसाद शर्मा पुत्र श्याम लाल शर्मा निवासी महमदपुर से जब इस बारे में जानकारी ली गयी तो उसने बताया कि उसने विगत 9 दिसम्बर को गैस की बुकिंग करायी थी और तभी से गैस पाने को लगातार एजेन्सी के चक्कर लगा लगा कर परेशान है लेकिन अभी तक उसे गैस नहीं मिल पायी है। विगत रोज जब हमारे समाचार पत्र के प्रतिनिधि को उसने जब ये सच्चाई बताई और हमने एजेन्सी से पूछा तो उन्होंने पहले टाल मटोल कर मामला रफा दफा करने का प्रयास किया औैर बमुश्किल उन्होने अपने कम्प्यूटर में देख जानकारी दी कि इनकी गैस यहां से विगत 13 दिसम्बर को ही डिलीवर्ड हो चुकी है। जबकि ग्राहक के पास गैस आज तक पहंची ही नहीं है वो गैस पाने को एजेन्सी के चक्कर लगाने को मजूबर है।
वास्तव में इस गैस एजेन्सी का ये कोई पहला मामला नहीं है बल्कि हर माह हजारों ग्राहकों की गैस यहां इसी तरह चोरी कर ली जाती है और ग्राहक को गुमराह कर उसे महीने भर तक गुमराह कर अगले महीने की गैस दे दी जाती है। यहां तक कि उनक कम्प्यूटर की सच्चाई भी ग्राहक को पता नहीं लग पाती है। यदि कोई ग्राहक इस कालाबाजारी को पकड़ भी लेता है तो उसे यहां तैनात दबंग कर्मचारी और यहीं का स्थायी निवासी कथित मैनेजर अपनी दबंगई के चलते डरा धमका कर या राजी राजी समझा बुझा कर शान्त कर देता है। हर माह होने वाले इस बड़े घालमेल से ही ये एजेन्सी संचालक यहां गैस की होने वाली अवैध खपत की पूर्ति करते है। पिछले करीब एक पखवाड़े से गिरिराज धाम की पावन धरा में चल रहे हजारों भण्डारे और मेला क्षेत्र की हजारों लाखों दुकान संचालक इसी घरेलू गैस की खपत करते है। जो इन्ही गैस एजेन्सियों द्वारा इन्हें सप्लाई किये जाते है। शासन प्रशासन के अधिकारियों की अनदेखी एवं एजेन्सी संचालकों की दबंगई के चलते घरेलू गैस के उपभोक्ताओं के साथ चोरी और सीना जोरी का ये खेल यहां बदस्तूर जारी है। जो शायद ही शासन प्रशासन रोक पाये।
उपभोक्ता मथुरा प्रसाद की गैस चोरी के इस मामले में जब इण्डेन के क्षेत्रीय प्रभारी एन0के0 राजपूत से उनके फोन संख्या 9412268486 पर वार्ता की गयी तो उन्होंने एजेन्सी की चोरी की करतूत की सच्चाई को स्वयं स्वीकार करते हुए बताया कि आॅन लाइन गैस की बुकिंग होने की व्यवस्था हमारे लिये कोई महत्व ही नहीं रखती है। इससे स्पष्ट है कि यदि ग्राहक आॅन लाइन गैस की बुकिंग करा कर गैस का इन्तजार करता है तो वो बेकार है। इस महत्वहीन व्यवस्था को नकारकर एजेन्सी कभी भी आपकी भी गैस चोरी करा सकती है।
लाखों भण्डारों, गैस्ट हाउसों और दुकानों पर आखिर कहां से आती है गैस
गोवर्धन। वर्ष भर मेले और उत्सवों से लबरेज रहने वाले गिरिराज धाम गोवर्धन में वर्ष भर में हजारों लाखों छोटे छोट भण्डारों के साथ साथ बड़े बड़े और बहुत ही व्यापक भण्डारे आयोजित होते ही रहते है। कुछ एक को छोड़कर इन सभी भण्डारों में हमेशा सिर्फ घरेलू गैस सिलैण्डरों का ही प्रयोग किया जाता है। वहीं इस क्षेत्र में वर्ष में हजारों शादी विवाह के साथ साथ अनेकों प्रकार के अन्य धार्मिक सामाजिक व अन्य प्रकार के कार्यक्रम भी किये जाते है इनमेें भी सिर्फ घरेलू ही गैस सिलैण्डरों का प्रयोग किया जाता है। इसके साथ ही गिरिराज धाम मेब ने हजारों धर्मशाला, गैस्ट हाउस, होटल और अतिथि सदनों में भी वर्ष भर घरेलू गैस सिलैण्डरों का ही प्रयोग किया जाता है। साथ ही क्षेत्र में लोगों के पास मौजूद एलपीजी सिलैण्डरों की गाडियों में भी घरेलू गैस का ही प्रयोग होता है। वहीं अब लोगों ने गीजर आदि मंे भी घरेलू गैस का प्रयोग आरम्भ कर दिया है। अब सवाल ये उठता है कि यदि ये गैस एजेन्सी घरेलू गैस ब्लैक नहीं करती है तो इन सबके पास वर्ष भर ये घरेलू गैस सिलैण्डरों की आपूर्ति कहां से होती है ? और कौन ये आपूर्ति करता है ?
ब्लैक मंे तत्काल मिल जाते है लोगों को सिलैण्डर
गोवर्धन। गिरिराज गैस एजेन्सी के ग्राहकों को लम्बी लाइनों मंे लगने और महीनों तक एजेन्सी के चक्कर काटने के बावजूद भी गैस नहीं मिल पाती है। जबकि थक हार कर यदि ग्राहक नाॅन सब्सिडी का सिलेण्डर भी भीख की तरह मांगता है तो भी उसे सिलैण्डर नहीं दिया जाता। जबकि ब्लैक मंे गैस सिलैण्डर लेने को जाने वाला कोई भी व्यक्ति यहां से ब्लैक का सिलैण्डर तत्काल ही पा जाता है। कोई भी जाना पहचाना अनजाना ग्राहक यहां ब्लैक के सिलैण्डर की धनराशि बिना रसीद लिये ही हाथों में अदा कर तुरन्त गैस ले आता है। आखिर सिलैण्डर ब्लैक में क्यों आसानी से मिल रहा है और ग्राहक भटक रहे है ? क्या इस सबसे अब अधिकारियों ने अपना मुंह फेर कर पल्ला ही झाड़ रखा है।






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