गुरू का स्थान बहुत ऊंचाः पंकज महाराज

मथुरा। आज गुरू पूर्णिमा के अवसर पर जयगुेदव मंदिर में पंकज महाराज ने प्रातःकाल 4 बजे अपने पूज्यपाद् दादा गुरु (घूरेलाल महाराज) और बाबा जयगुरुेदव महाराज के ध्यान, दीप प्रजलन, आरती वन्दना के साथ मन्दिर में पूजा किया।  इसके बाद पूजन के लिये श्रद्धालुओं की लम्बी कतारे लग गईं। गुरु की याद में लोगों के आंखों से आंसू अनायास छलकते हुये देखा गया। जयगुरुदेव आश्रम में गुरुपूर्णिमा के दिन जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के अध्यक्ष पंकज महाराज ने श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुये कहा कि ‘गुरु महिमा है अपार जगत में, गुरु महिमा है अपार। गुरु कृपा से कितने तर गये, हो गये भव से पार।।’ गुरुपूर्णिमा के दिन सभी लोग अपने-अपने गुरु को याद करते हैं। गुरु की पूजा उनके स्थान पर ही होती है। गुरु का स्थान बहुत ऊँचा है। बिना गुरु के यह कभी नहीं मालूम होगा कि हम कौन हैं, कहाँ से आये है और कहां जायेंगे। इस भूल-भ्रम के देश में यह बराबर विचार करते रहना चाहिये कि हमारा मालिक अर्थात परमात्मा कहां है, कैसे हम उससे मिल सकते हैं। वह परमात्मा हर एक के घट में बैठा हुआ है। 


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