मुंबई । नोटबंदी के फैसले के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं। अब एक अफवाह से ज्वैलर्स सहमें हुए हैं। एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार ट्रेड बॉडी इंडियन बुलियन एंड जूलर्स असोसिएशन (आईबीजेए) से एक टेक्स्ट मेसेज आया। मैसेज उसके 2,500 मेंबर्स को भेजा गया। इस मैसेज में लिखा था कि सरकार अगले वर्ष गोल्ड इंपोर्ट्स पर बैन लगा सकती है। इसी के साथ सोशल मीडिया पर एक और अफवाह फैल रही है कि ज्वैलर्स के लिए पुराने नोटों को डिपॉजिट की अंतिम तारीख पीछे करके 15 नवंबर तक ला सकती है।
आईबीजेए का इस बारे में कहना है कि कुछ सर्किल से ऐसा होने के आसार के बारे में पता चला है, लेकिन इस बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। अफवाह वाले मैसेज ज्यादातर व्हॉटसएप के जरिए भेजे जा रहे हैं। हांलांकि आईबीजेए का कहना है कि हमने अपने मेंबर्स को दिलोजान से सरकार का सपॉर्ट करने के लिए कहा है। फिर भी गोल्ड इंपोर्ट पर बैन की अफवाहों को लेकर ज्वैलर्स काफी परेशान हैं। ज्वैलर्स का कहना है कि 600 जूलर्स को 8 नवंबर तक अपनी सेल्स का डिस्क्लोजर देने के लिए टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस पहले ही मिल चुका है। ज्ञातव्य है कि मोदी सरकार ने 8 नवंबर की आधी रात से 1000 और 500 रुपये के करंसी नोट का चलन बंद कर दिया है। इस बारे में जारी सरकारी ऑर्डर के मुताबिक लोग बैंक में दिसंबर अंत तक 500 और 1000 रुपये के अपने पुराने नोट बदलवा सकते हैं।
गोल्ड ज्वैलर्स के लिए नोट तय समय से पहले बदली कराने का ऑर्डर आने का डर इसलिए पैदा हुआ है कि कुछ जूलर्स अब भी बहुत ऊंचे रेट पर गोल्ड बेच रहे हैं। इससे लोगों को अपनी ब्लैक मनी गोल्ड में खपाने का मौका मिल रहा है।
साभार-khaskhabar.com






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