सप्त देवालयों में चंदन लेपन व सर्वांग दर्शन का आनन्द दिया भगवान ने
भक्तों ने किया झरोखों से दर्शन
वृन्दावन। नगर में अक्षय तृतीया पर्व तथा भगवान परशुराम जयन्ती महोत्सव विभिन्न धार्मिक आयोजनों के साथ मनाया गया। इस पर्व का विशेष आकर्षण वर्ष भर में एकमात्र आज ही के दिन होने वाले ठा0 बाँके बिहारी के चरण दर्शन का रहा। इस अवसर पर नगर के सप्त देवालयों में भगवान के चन्दन लेपन श्रृंगार व सर्वांग दर्शन का आनन्द भी भक्तों ने लिया। इस चन्दन व कर्पूर मिश्रित चन्दन को प्रातः से ही गोस्वामी जनों ने घिसकर भगवान के श्रीअंगों के लिए तैयार किया था। इस अवसर पर मन्दिरों में भक्तों की भारी भीड़ रही। भक्तों ने अपने आराध्य ठा0 बाँके बिहारी के चरण दर्शन हेतु अपने सभी कार्य छोड़कर मन्दिर में अपनी उपस्थिति दर्ज करायी। इस दिन एक खास बात यह भी होती है कि यह चन्दन श्रृंगार बद्रीधाम में ही होते हैं, इसीलिए गोस्वामी हरिदास जी महाराज ने ब्रजवासियों को ब्रज में रहकर ही बद्रीनाथ धम के दर्शन का लाभ प्राप्त करने के लिए अपने आराध्य बाँके बिहारी से अनुमति माँग कर उनका चन्दन लेपन व सर्वांग दर्शन की परम्परा का प्रारम्भ किया था। इस अवसर पर नगर के भक्तों के साथ साथ आस पास के अनेकों गाँवों तथा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश सहित मुम्बई आदि स्थानों से भी भक्तगणों ने आकर भगवान के श्रीचरण दर्शन का आनन्दलाभ लिया। नगरवासियों ने भी बाहर से आने वाले श्रद्वालुओं की सुविध हेतु शीतल पेयजल, मीठा जल, रूहआफजा, मीठा व ठण्डा दूध आदि की प्याऊ तथा कचौड़ी पूड़ी आदि खाद्य सामग्रियों का वितरण आदि की भी व्यवस्था की थी। आज ही के दिन भगवान परशुराम जयन्ती होेने के चलते जगह जगह विप्र बन्धुओं ने भगवान परशुराम की पूजा अर्चना की तथा विप्र समाज के वरिष्ठ लोगों को सम्मानित किया। इस क्रम में युवा ब्राह्मण महासभा, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा, ब्राह्मण सेवा संघ सहित अन्य विप्र संगठनों ने विप्राधिपति भगवान परशुराम को पूजकर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।





