मथुरा। आगरा-दिल्ली बाई पास स्थित जयगुरुदेव आश्रम मथुरा में पाँच दिवसीय गुरुपूर्णिमा सत्संग मेला के समापन के अवसर पर संस्था के राष्ट्रीय उपदेशक सतीश चन्द ने श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुये कहा कि महापुरुष बराबर जीवों को समझाते रहे कि ये अज्ञान का देश है। इसमें मोह रूपी निद्रा में सारा जगत सो रहा है। जिस प्रकार व्यक्ति सोते समय सपने में राजा बन जाता है और नीद खुलने पर वह कुछ नहीं। उसी प्रकार इस जगत का कोई सामान मरने के बाद व्यक्ति के साथ नहीं जाता है। इससे होशियारी से काम लेना चाहिये। उन्होंने आगे कहा कि ‘मेहमान जवानी आती है, फिर लौट कभी नहीं आती हैं’ इन्सान दुनियाँ में जन्म लेकर जवानी के आने पर सुख की आशा और उम्मीद के साथ अपने श्वासों की पूँजी को विभिन्न प्रकार की चीजों के निर्माण और उपयोग में खर्च कर देता है। अपने सच्चे लक्ष्य को व्यक्ति भूल जाता है। यह जीवन चार दिनों का है। पहला दिन बचपन, दूसरा बाल्यावस्था, तीसरा जवानी की अवस्था, चैथा बुढ़ापे का तथा पाचवाँ दिन मौत का है।





