जांच में दोषी पाये जाने पर कठोर कार्यवाही होगी: अखिलेश यादव

शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित करते प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव

जब न्यायिक जांच चल रही है तो सीबीआई क्यों?

शहीदों की याद में गेट व बाग के नाम पर विचार

सरकार शहीदों के परिजनों साथ खडी है

मथुरा। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि जवाहर बाग को खाली कराने की कार्यवाही में चूक हुई है, इसकी जांच चल रही है और जो भी जांच रिपोर्ट  में दोषी पाये जायेंगे उन पर कठोर कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। भाजपा के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है इसलिए वह ओछी राजनीति कर रही है। उनके शासित राज्यों में भी घटनाएं हुई हैं, हमने कभी उंगली नहीं उठाई और वो हमारे अच्छे कार्यों को दरकिनार कर ऐसी घटनाओं को मुद्दा बनाना चाहते हैं। 

मथुरा में सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जवाहरबाग कांड में शहीद हुए एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी के सरकारी आवास पर जाकर उनके परिजनों से मिले और शोक संवेदना प्रकट की। इस दौरान शहीद की पत्नी और परिवारीजनों ने कुछ सुझाव भी दिये जिन पर सरकार विचार करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार हर स्थिति में शहीदों के परिजनों के साथ खडी है और हर सम्भवतः मदद की जायेगी बच्चों की पढ़ाई के लिए दिल्ली नोएडा गाजियाबाद एन सी आर में व्यवस्था की जायेगी

मथुरा पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में पत्रकारों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री श्री यादव ने स्टिंग ऑपरेशन के प्रश्र के उत्तर में कहा कि लोग दोस्त और भाई बनकर आते हैं, पास बैठते हैं चर्चा करते हैं और फिर स्टिंग करके अपने ढंग से चलाते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा इस प्रकरण पर बिलकुल साफ थी। सरकारी जमीन खाली होनी चाहिए थी, इस प्रकरण में हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद हमने जमीन को खाली कराने की दिशा में कदम बढ़ाये। इस प्रकरण में देरी का कारण गरीब महिलाएं एवं बच्चों की जान न जाये, कोई बड़ी अनहोनी न हो बस इतनी थी। शहीद हुए मुकुल द्विवेदी उस दिन रैकी करने गये थे, इस दौरान ही अंदर के कुछ लोगों ने उनपर हमला बोल दिया था। उन्होंने कहा कि देश में गरीबी है, बेरोजगारी है जो दूर होनी चाहिए। कुछ लोग भोजन और जमीन देने के नाम पर गरीब लोगों की भीड़ जुटा लेते हैं, यहां भी कुछ ऐसा ही हुआ, झारखण्ड के गरीब लोग आये थे। जमीन और भोजन के लालच में गरीब लोग एकत्रित हो गये थे। उनको आगे कर कुछ लोग अपनी गलत मांगों को आगे कर रहे थे। सीबीआई जांच के प्रश्र पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम न्यायिक जांच करा रहे हैं। हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त जज सहाब को यह जांच सौंपी गई है। जांच की रिपोर्ट में जो भी कुछ होगा वह सामने आयेगा और जांच में अगर लोग दोषी पाये गये तो कठोर कार्यवाही की जायेगी। अब जांच चल रही बार-बार जांच बदलना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार समाजवादियों की सरकार है। सरकार ने गरीब, युवा, महिला, किसान, व्यापारी एवं मजदूर हित में बहुत काम किये हैं। सड़कों की दिशा में सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है। पुलिस सुरक्षा एवं स्वास्थ्य योजनाएं बहुत अच्छी रही हैं। इसलिए भाजपा के लोगों पर हमारे खिलाफ बोलने को कुछ है नहीं, जो विकास न कराने की बात को मुद्दा बनायें। इस लिए ऐसे ही मुद्दे को आगे कर वह अनैतिक बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं आज शहीद मुकुल जी के परिवार से मिला हूं। उन्होंने कुछ सुझाव दिये हैं कि शहीद होने वाले परिवारों की मदद ज्यादा हो। शहीद की पत्नी ने एक घर की भी आवश्यकता भी बताई है, कई सुझाव उनके आये हैं। हमारी सरकार उन पर विचार कर आगे कार्यवाही करेगी। जवाहर बाग कांड में शहीद हुए मुकुल द्विवेदी एवं संतोष यादव के नाम पर जवाहर बाग या गेट के बारे में सरकार इस मांग पर आगे विचार करेगी। उन्होंने मथुरा की मीडिया का धन्यवाद भी दिया और कहा कि इस प्रकरण में मथुरा की मीडिया सरकार की मंशा का सहयोग कर रही थी। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ मंत्री ब्रम्हानंद त्रिपाठी भी आये थे। मुख्यमंत्री से सपा नेताओं ने मुलाकात की और कुछ समस्याएं और ज्ञापन भी सौंपे। इस दौरान पूर्व केन्द्रीय मंत्री रामजीलाल सुमन, एमएलसी डा. संजय लाठर, एमएलसी ठा. उदयवीर सिंह, एमएलसी अरविंद सिंह, जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन जगदीश नौहवार, लोकमणि कांत जादौन, पूर्व जिलाध्यक्ष ठा. किशोर सिंह, जिलाध्यक्ष तुलसीराम शर्मा, प्रदीप चैधरी, सौरभ चैधरी, डा. विशाल खुराना, नीटू चैधरी, उद्योगपति दिनेश चतुर्वेदी, शिवकुमार यादव आदि प्रमुख थे। मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में कमिश्रर प्रदीप भटनागर, आईजी डीसी मिश्रा, डीआईजी अजय मोहन शर्मा, डीएम निखिल चन्द्र शुक्ला, एसएसपी बबलू कुमार, एसपी सिटी आशुतोष द्विवेदी आदि प्रमुख थे।


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