
कलैक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में उपस्थित अधिकारी एवं चिकित्सकगण
मथुरा। अपर जिलाधिकारी प्रशासन धीरेन्द्र प्रताप सिंह क अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के अन्तर्गत गल्र्स चाइल्ड डे के अवसर पर बेटी बचाओ बेटी पढाओं अभियान की एक बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुयी। उन्होंने जेन्डर सेन्स्टाइजेशन कार्यशाला के अन्तर्गत आयोजित कार्यशाला में बताया कि हमें मानसिक रूप से तैयार होकर लिंग भेदभाव समाप्त कर के तथा आम नागरिकों को अल्ट्रासोनोग्राफी के फायदे व नुकसान बताते हुए बेटियों को हर सूरत में बचाने के लिए हमें कन्या भ्रूण हत्या रोकनी ही होगी। यदि कन्या भू्रण हत्या पर प्रभावी ढंग से रोक लगानी होगी अन्यथा समाज में असंतुलन पैदा हो जायेगा और जिसके परिणाम अच्छे नही होगे। कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने में आशा, आगंनबाडी, ए0एन0एम0 जो गांव गांव तक जाकर कार्य करती है अच्छी भूमिका निभा सकती है। कार्यशाला मे उपस्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 बी0एस0 यादव, पीसी पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डा0 राजेन्द्र सिंह, आईएमए के अध्यक्ष डा0 गुलशन कुमार, डा0 मधुबाला, डीजीसी बद्रीप्रसाद ने बेटी बचाओ बेटी पढाओ के संबंध में हुयी इस कार्यशाला में अपने अपने सुझावो से अवगत कराया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने खड़े होकर शपथ ली कि हम किसी भी सूरत में लिंग परीक्षण नहीं करेंगे अथवा करायेंगे। कार्यशाला में उपस्थित सी0जे0एम0 एवं नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत ओमवीर सिंह ने बताया कि जनपद में यदि इस तरह के अपराध होते है तो इसकी सीधी शिकायत हमारे यहॅा की जा सकती है। कार्यशाला में प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी एवं जिला विकास अधिकारी उमेश कुमार त्यागी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 बी0एस0 यादव ने उपस्थित सभी को सलाह दी है कि वे ऐसा कोई कन्या भ्रूण हत्या जैसा कृत्य न करे। इस मौके पर खण्ड विकास अधिकारी, सीएमएस, यूएचआई से अशोक भारती तथा भारती वर्मा, रामवीर सिंह, जनपद के चिकित्सक विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डा0 दिलीप सिंह ने किया।





