शिवरात्रि शिव और शक्ति के परम मंगल मिलन का उत्सव है क्योंकि शिव शक्ति के बिना पूर्ण नहीं है। शक्ति चेतना का रूप है और जब शिव में से शक्ति हटा दी जाए तो पीछे शव ही रह जाता है। शक्ति का शिव के साथ और शिव का शक्ति के साथ रमण करने पर शिव को पूर्ण माना जाता है इसलिये शिव को अर्द्धनारीश्वर भी कहते है।





