
मथुरा। संगीत विदुषी एवं चित्रकला मर्मज्ञ श्रीमती मंजु कृष्ण की पंचम पुण्य स्मृति में आयोजित कार्यक्रम परम्परा के प्रथम चरण का शुभारम्भ ज्ञानदीप सभागार में प्रदर्शित चित्रकला प्रदर्शनी चित्र मंजूषा के उद्घाटन के साथ हुआ। मुख्यातिथि दिल्ली के प्रख्यात् शिक्षाविद् एवं चित्रकार डॉ0 आनन्द अग्रवाल द्वारा फीता काटकर माँ शारदा एवं मंजु कृष्ण के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। प्रदर्शनी में लगभग 100 कलाकृतियाँ रखी गयी थीं। प्रदर्शनी का अवलोकन कर डॉ0 अग्रवाल ने कहा कि यहां प्रदर्शित सभी कलाकृतियाँ भारत भवन के सिद्ध कलाकार छात्र छात्राओं की उत्कृष्ट कला क्षमता एवं सौंदर्यानुभूति का दिग्दर्शन कराती हैं। उन्होंने कहा कि विश्व के अनेक कलाकार संवेदनाओं और सौंदर्यानुभूति के सहारे ही उत्कृष्ट स्थान प्राप्त कर सके हैं। मैं इन्स्टीट्यूट के निदेशक आशीष अग्रवाल एवं चित्रकला विभागाध्यक्ष अरविन्द सिन्धु को इस आयोजन के लिये साधुवाद देता हूं। इस मौके उपस्थित वरिष्ठ पत्रकार एवं उ0प्र0 संगीत नाटक अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष मोहन स्वरूप भाटिया ने कहा कि इन कलाकारों की कलाकृतियाँ राष्ट्रीय स्तर से कम नहीं हैं। समय आने पर ये कलाकार दुनिया में अपनी कला का परचम फहरायेंगे। संगीतज्ञ डॉ0 राजेन्द्र कृष्ण अग्रवाल द्वारा कार्यक्रम एवं श्रीमती मंजु कृष्ण के योगदान पर प्रकाश डाला गया। भारत भवन इंस्टीट्यूट के सम्बन्ध में उन्होंने बताया कि श्रीमती मंजु कृष्ण की इच्छानुसार ही संगीत, नृत्य एवं चित्रकला जैसी विधाओं के उच्च स्तरीय प्रशिक्षण हेतु इस इंस्टीट्यूट की स्थापना की गयी थी। अल्प समय में ही इसके राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त करना फैकल्टी के सहयोग से ही सम्भव हो सका है। प्रारम्भ में भारत भवन कल्चरल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ0 राजेन्द्र कृष्ण अग्रवाल, आलोक अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, एकता अग्रवाल एवं शिप्रा द्वारा मुख्यातिथि का माल्यार्पण, पटुका व शाल उढ़ा तथा स्मृति चिह्न प्रदान कर स्वागत किया गया।






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