मथुरा। सरकार बदलती है तो प्रशासन भी मुंह फेर लेता है। एक समय था जब मायावती के समय वृन्दावन में समग्र विकास योजना के तहत वृन्दावन को चमकाने की तैयारियंा की गयी थीं लेकिन आज सरकार के बदलते ही समग्र विकास योजना की शिलापट्टिका को ही उखाड़ फैंकना नहीं वरन उस स्थान को भी तहस-नहस किया जा रहा है। भूमाफिया कब्जा कर रहे हैं और प्रशासन देख रहा है। ऐसा पहले तो देखने को नहीं मिलता था। वृन्दावन नगर के लोग भूमाफिया और प्रशासन की जुगलबंदी के इस खेल की निंदा कर रहे हैं। परिक्रमा मार्ग में वृन्दावन कुंभ मेला स्थल के सामने प्राचीन टिकारी घाट की बुर्जियों पर कब्जा किया जा रहा है। भूमाफिया काफी समय से बुर्जियों को गिराने और सीढियों को उखाड़ने में लगे हैं। बताया गया कि बहुजन समाज पार्टी द्वारा 3.50 करोड़ रूपये की लागत से समग्र विकास योजना के अंतर्गत यह क्षेत्र विकसित कराया गया था और इसे परिक्रमा मार्ग का पड़ाव स्थल घोषित किया गया था। लगभग 1500 वर्गमीटर में बने खाता संख्या 13 के इस स्थल पर जल निगम द्वारा पौने तीन लाख रूपये की लागत से एक प्याऊ और आरओ प्लांट भी लगाया गया था। अर्रूआ खादर के इस क्षेत्र में हो रहे निर्माण से लोगों में भारी बेचैनी है। इस क्षेत्र पर अब भूमाफिया कब्जा कर रहे हैं। यह करोड़ों रूपये की बेशकीमती जगह हैं। एक माह से यहां काम चल रहा है। बहुजन समाज पार्टी की शिलापटिटकायें और सीढियां, बुर्जी तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में वृन्दावन नगर पालिका के ईओ टीएन चैबे ने बताया कि उन्होंने इसकी लिखित में जानकारी मथुरा के जिलाधिकारी और एडीएम को दे दी है। वहीं इस मामले की शिकायत करने वाले समाजवादी पार्टी के मनोनीत सभासद महेन्द्र सिंह चैहान ने इसकी नगर पालिका में शिकायत की। बताते हैं कि नगर पालिका ने यहां नोटिस चस्पा कर दिया था जिसमें लिखा था कि यहां किसी प्रकार का निर्माण नहीं होगा लेकिन माफियाओं ने नोटिस को फाड़ दिया और वहां गोबर का लेपन करा दिया है। वृन्दावन के लोगों ने बताया कि यह प्राचीन महत्व की बेशकीमती जगह है। यहां पर बनी बुर्जी और सीढियां प्राचीनकाल की हैं। इस संबंध में नगर पालिका वृन्दावन के मनोनीत सभासद ने ईओ नगर पालिका, चेयरमैन मुकेश गौतम और नगर पालिका निर्माण शाखा के जेई तथा विंध्यांचल निवासी देवराहा हंस बाबा के खिलाफ आरोप लगाये हैं और कहा है कि ये लोग पुरातत्व महत्व की इस जगह पर कब्जा कर रहे हैं। इनमें भूमाफिया के रूप में देवराहा हंस बाबा का नाम लिया जा रहा है।





