
नई दिल्ली : यूजीसी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के चार साल के अंडर ग्रैजुएट कोर्स में छात्रों को पब्लिक नोटिस जारी कर एडमिशन न लेने की सलाह दी है। यूजीसी ने सभी कॉलेजों के प्रिंसिपल को भी चिट्ठी लिखकर तीन साल के अंडर ग्रैजुएट कोर्स में ही एडमिशन देने को कहा है।
इससे पहले यूजीसी ने डीयू को चार साल के कोर्स को वापस लेने को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय को अल्टीमेटम भेजा है।
मानव संसाधन मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय और यूजीसी के बीच जारी जंग में वह दखल नहीं देगा। उसका कहना है कि यूजीसी का आदेश मानने के लिए विश्वविद्यालय बाध्य हैं।
यूजीसी के मुताबिक, अगर निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो डीयू को दिए जा रहे अनुदान और डिग्री की मान्यता खत्म की जा सकती है।
इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज सेंट स्टीफंस कॉलेज ने दाखिला रोक दिया है। कॉलेज प्रशासन ने कहा है कि डीयू और यूजीसी के बीच चल रहे विवाद के खत्म होने के बाद की लिस्ट जारी होगी हालांकि कॉलेज में सेलेक्शन प्रक्रिया चलती रहेगी।
गौरतलब है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में चार साल का स्नातक कोर्स खत्म करने के यूजीसी के निर्देश का कई छात्र और शिक्षक संगठनों ने स्वागत किया है। इनका कहना है कि चार साल के कोर्स का फैसला वाइस चांसलर की तानाशाही का नतीजा था और अब यूजीसी के निर्देश के बाद लोगों की जीत हुई है।





