नई दिल्ली। भारतीय पुरातत्व सर्वे यानी एएसआई के मुताबिक करोडों भारतीयों की आस्था का केंद्र और चार धामों में से एक पुरी का जगन्नाथ मंदिर खतरे में है। मंदिर कभी भी गिर सकता है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक एएसआई की तकनीकी कोर समिति के अध्यक्ष जीसी मित्रा ने कहा है कि सदियों पुराना यह मंदिर हाई रिस्क पर है,समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो ये मंदिर ध्वस्त हो सकता है।
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने पुरी के जगन्नाथ मंदिर की मरम्मत के लिए केंद्र सरकार से मदद मांगी है। पटनायक ने कहा है कि मंदिर के बीम में दरारें पड गई हैं जिससे मंदिर के ढांचे को खतरा हो सकता है। उन्होंने केंद्र से तुरंत एएसआई (आर्किलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया) के इंजीनियरों और टेक्निकल एक्सपर्ट की टीम भेजने को कहा है।
पटनायक ने केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्री महेश शर्मा को चिटी लिख कर मदद मांगी है। उन्होंने लिखा है कि यह लोगों की आस्था से जुडा मामला है इसलिए मैं इस मुद्दे पर आपका ध्यान दिलाना चाहता हूं।
ओडिशा सरकार ने मंदिर के भवन की जांच के लिए इंजीनियरों की एक टीम बनाई है। इस टीम ने मंदिर के मेन भवन को देखने के बाद एक्स्ट्रा बीम डालने की सिफारिश की है। इस बाबत नवीन पटनायक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी खत लिखकर जल्द से जल्द कदम उठाने की मांग कर चुके हैं।
साभार-khaskhabar.com






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