तहसील मांट क्षेत्र में भूमाफियाओं के हौंसले बुलंद

फर्जी तरीके से बेची गई जमीनें, रिपोर्ट दर्ज

मथुरा। यमुना एक्सप्रेस वे के निर्माण के साथ मांट तहसील क्षेत्र में दिनों दिन बढ़ती जा रही जमीनों की कीमतों ने क्षेत्र के लोगों में बेईमानी भी पैदा कर दी है। लोग धड़ल्ले से दूसरों की खेती की जमीनों का फर्जी बैनामा कर रहे हैं। तो एनसीआर के लोग भी आंखें मूंद कर जमीन के कारोबार में पैसे लगा रहे हैं। इस फर्जीवाड़े में भूमि प्रबंधक कार्यालय के कुछ कर्मचारियों सहित बैनामा लेखक भी इस गैंग में फर्जीवाड़े करने वालों का खुलकर साथ देते हैं। ऐसे ही दो मामलों की मांट थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद व कस्बा बागपत के रहने वाले राकेश कुमार पुत्र किशन चन्द गुप्ता हाल निवासी म.न. 345 सेक्टर फरीदाबाद, हरियाणा की जनपद के मांट तहसील स्थित अर्रूआ खादर में करीब छह एकड़ जमीन है। जिसकी देखभाल उनके अन्य परिजन वृन्दावन आदि स्थानों पर रह कर रहे हैं। राकेश कुमार वर्तमान में फरीदाबाद में रहते हैं। उक्त जमीन राकेश ने सन् 1986 में रोशन लाल से खरीदी थी। अर्रूआ खादर में तेजी से जमीनों की कीमत बढ़ती देख भू माफियाओं की निगाह इस जमीन पर भी पड़ गई और कुछ कथित प्रापर्टी डीलर्स ने पूरी योजना तैयार कर राकेश कुमार के नाम का फर्जी आई डी प्रूफ तैयार किया और गत 12 दिसम्बर को उप निबन्धक कार्यालय मांट में किसी व्यक्ति को फर्जी राकेश बना कर पेश कर दिया और उसकी जमीन में से तीन एकड का बैनामा परीक्षित सिंह पुत्र यदुराज सिंह निवासी चैतन्य बिहार के नाम कर दिया। दूसरा बैनामा उसी दिन मेजर तेज प्रताप सिंह राना पुत्र हरी प्रताप सिंह निवासी गुड़गांव के नाम कर दिया गया। दोनों बैनामा में मान सिंह पुत्र मंगतू राम निवासी चैतन्य बिहार वृन्दावन और सुरेन्द्र कुमार पुत्र बलबीर सिंह निवासी बजीराबाद गुडगांव गवाह बने थे। राकेश को मामले की जानकारी 23 दिसम्बर को होने पर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन फानन में सारे जरूरी कागजात इकठ्ठे करने के बाद शुक्रवार को उसकी तहरीर पर मांट थाने में गजेन्द्र, परीक्षित, मेजर तेज प्रताप, मान सिंह और सुरेन्द्र के नाम रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले में शामिल लोगों का पता करने के प्रयास में जुटी है। वहीं एक अन्य मामले में सुरीर के गांव खायरा में भी करार के बाबजूद जमीन दूसरे को बेच दिए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पीडि़त ग्रामीण ने थाना मांट में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। खायरा के अशोक कुमार सिंह ने मुइद्दीनपुर निवासी सत्यवीर सिंह से एक जमीन का रजिस्टर्ड इकरार नामा 13 दिसम्बर 2010 को कराया था। यह सौदा मुईद्दीन पुर के हाकिम सिंह और खायरा के हेमा ठाकुर ने कराया था। इकरार नामा में पांच साल का समय नियत था। गत 7 अगस्त को अशोक मांट तहसील आया और उक्त जमीन की नकल खतौनी निकलवायी तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। क्यों कि उसके साथ जिस जमीन का करार किया गया था। उसमें से तो .18 हैैक्टेयर जमीन का बैनामा क्रान्ति देवी पत्नी बलजीत निवासी अनखौर जिला फरीदाबाद के नाम 2 मई को हो चुका था। जिसका नाम भी खतौनी में दर्ज हो चुका था। इकरार नामा और बैनामा में हाकिम गवाह भी था। वहीं जगमोहन शर्मा पुत्र मुसन्दी लाल निवासी फरीदाबाद ने भी इस झूठे बैनामा में गवाही दी थी। कई माह की लम्बी भागदौड के बाद पुलिस अधीक्षक क्राइम अशोक कुमार के आदेश के बाद मांट पुलिस ने हाकिम, हेमा, क्रान्ति देवी, सत्यवीर और जग मोहन शर्मा के नाम रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


Subscribe now

Login and subscribe to continue reading this story....

Already a user? Login



Related Items

  1. सबकी चेहती अक्षरा जल्द देंगी GOOD NEWS




Mediabharti