
मथुरा। जनपद में शायद पहली बार ऐसा हुआ है कि जब किसी के खिलाफ मुकदमा लिखा गया हो और पुलिस कार्रवाई ही नही कर रही हो। जबकि अक्सर किसी पर कोई आरोप लगने के तुरन्त बाद पुलिस हरकत में आ जाती है और उस आरोपी व्यक्ति के पीछे हाथ धोकर पड़ जाती है। यहां तक कि उस व्यक्ति के घर परिवार वालों को भी परेशान करने से लेकर उसके घर पर रात में भी दविश देने की कार्रवाई करती है लेकिन इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की 'मेहरबानी' के चलते अभी तक पुलिस हरकत में नहीं आई है। स्वयंभू पत्रकार कमलकांत उपमन्यु के मामले में यही हो रहा है।
ऐसी ही पुलिसिया कार्रवाई का ताजा उदाहरण थाना राया में देखने को मिला जहां दो दिन से थाने में बैठी रही बलात्कार पीड़िता की रिपोर्ट भी दर्ज नही की गई लेकिन फिर भी पुलिस ने आरोपी बलात्कारी के पिता को घर से उठा लिया और तभी से उसे हिरासत में बिठा रखा है। एक तरफ साधारण व्यक्ति के साथ जब पुलिस ऐसा कर सकती है। वहीं, दूसरी तरफ पुलिस इस प्रभावशाली व्यक्ति के साथ बेइन्तहां नरमी बरत रही है। इसकी मुख्य वजह यह है कि जनपद के अधिकांश अधिकारी जब प्रभावशाली व्यक्ति के यहां कारण-अकारण हाजिरी बजाते रहे हों तो उसके खिलाफ कैसे कार्रवाई सम्भव है। अब इसमें अगर स्वयं जनपद की एसएसपी महोदया ही उसके यहां जाती रही हों और उसके साथ फोटो खिचाती हों तो उनसे न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
सुत्रों से जानकारी हुई है कि सीओ रिफायनरी ने थाना हाईवे पहुंच कर एफआईआर रजिस्टर को ही अपने साथ यह कह कर ले गए कि कप्तान ने रजिस्टर अपने पास मंगा लिया है। 3 दिसम्बर से पीड़िता बराबर एसएसपी से मिलने का प्रयास करती रही लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई और न ही एसएसपी उससे मिलीं। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी किसी पत्रकार को उसकी प्रति नहीं दी गई। यहां तक कि उसके परिजनों को भी एफआईआर की प्रति नही दी गई। एक एमबीए की छात्रा के साथ यौनाचार करने के आरोपी के खिलाफ अभी तक कोई छात्र संगठन ने इस प्रकरण पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है। जनपद में तमाम सामाजिक संगठन के किसी भी व्यक्ति ने अपने विचार व्यक्त भी नही किए हैं।
समाचारएक्सप्रेस.कॉम, मथुराएक्सप्रेस.कॉम और आगरा से प्रकाशित आज, अमर उजाला, अग्र भारत, पुष्प सवेरा, हिन्दुस्तान एक्सप्रेस सहित तमाम अखबारों ने हिम्मत दिखाई मगर आगरा से प्रकाशित कुछ अन्य प्रभावशाली अखबारों ने अभी तक कोई समाचार प्रकाशित नहीं किया है जबकि अन्य जनपदों से प्रकाशित समाचारों पत्रों की सुर्खियां यह खबर बनी रही। इसके अलावा लगभग 1 दिसम्बर से आज तक सोशल मीडिया में भी लोगों ने जबरदस्त प्रतिक्रियां दी है। पूरे दिन इस प्रकरण को जहां लोगों ने आपस में खबर का आदान-प्रदान किया। वहीं, मथुरा में बलात्कारी को बचाने के प्रयास में भी एक शिक्षण संस्था के स्वामी तथा एक उद्योगपति कुछ पत्रकार तथा दबंग भूमाफिया लोग भी एसएसपी पर दवाव बनाने के लिए उनसे मुलाकात की है। बलात्कारी के घर पर भी सुबह भारी संख्या में पुलिस बल गया था। पुलिस खाली हाथ ही लौट गई लेकिन बलात्कारी के घर से भागकर अन्य जनपद में छिपने की जानकारी हुई है।





