मथुरा। आगे आने वाली पीड़ियों को अनाज और पानी की किल्लत से जूझना पड़ेगा इसके लिए आवश्यक है जनसंख्या नियंत्रण कानून बने। धर्म और राजनीति को छोड़कर एक देश एक कानून की व्यवस्था लागू हो। यह बात केन्द्रीय मंत्री गिररिराज सिंह ने आज यहां दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा अनुसंधान विश्वविद्यालय में मीडिया से रुबरु होते हुए कही। बिहार की नीतिश सरकार और लालू यादव को कटघरे में खड़ा करने के साथ ही केन्द्रीय मंत्री ने समाजवादी पार्टी की प्रदेश सरकार को भी जमकर निशाने पर लिया। प्रदेश में खराब कानून व्यवस्था की बात कहते हुए मथुरा में कानून व्यवस्था को तार-तार बताते हुए उन्हौने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति ने प्रदेश सरकार के संरक्षण में मथुरा की शांत फिजा को पलीता लगा दिया। सरकारी संरक्षण में ही एसपी की हत्या कर दी। उन्हौने कहा कि कैराना के हिन्दुओं ने सोचा भी नहीं होगा कि उन्हें आजादी के बाद भी पलायन करना पड़ेगा। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि दादरी कांड में जिस तरह सपा ने मुॅह की खाई वहां गौमांस का होना वैज्ञानिक जांच में पाया गया इसी तरह अखिलेश सरकार को कैराना में भी मुॅह की खानी पड़ेगी।
सपा सरकार में कौमी एकता दल के विलय के बारे में पूछे जाने पर वरिष्ठ भाजपा नेता केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बिना कौमी एकता पार्टी का नाम लिए कहा कि विलय करने वाली पार्टी गुण्डों की सरगना है जबकि समाजवादी पार्टी की सरकार अपराधियों का नेत्रत्व करती है। केन्द्रीय मंत्री ने प्रत्येक परिवार को दो बच्चे पैदा करने की बात कहते हुए कहा कि भारत में ही क्यों धर्म और कानून की बात होती है। दुर्भाग्य है कि देश में इसे वोट की नजर से देखा जाता है जबकि मलेशिया, इंडोनेशिया आदि देशों का उदाहरण देते हुए उन्हौने कहा कि तमाम देशों में जनसंख्या नियंत्रध कानून बनाए जा चुके हैं और अमल में हैं। उन्हौने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. जवाहर लाल नेहरु को देश में विकास की धीमी गति के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि मैनें मैकाले की शिक्षा पद्धति और नेहरु माॅडल को किनारे कर विकास की राह पर काम शुरु किया है। नेहरु माॅडल ने उद्योगपतियों को बढावा देकर विकास का मार्ग अवरुद्ध किया वहीं मैकाले शिक्षा पद्धति ने रोजगारहीन शिक्षा दी।






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