गोवर्धन परिक्रमा मार्ग चक्लेश्वर के समीप प्राचीन भरतपुर रियासत की छतरियों के समीप मार्ग पर पड़ा कूड़े का ढेर
परिक्रमा मार्ग के समीप कूड़े के ढेर से दूर-दूर तक फैल रही है बदबू
मुखारबिंद मंदिर की उदासीनता से स्थानीय व श्रद्धालु भक्तगण परेशान
गोवर्धन। भले ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत के सपने को लेकर पूरे देश में सफाई अभियान की मुहिम शुरू की है, लेकिन दूसरी ओर गिरिराज महाराज की तलहटी के पुरातत्व विभाग की प्राचीन सुंदर छतरियों पर कूड़े के ढेर ने दाग लगा दिया है। परिक्रमा मार्ग के समीप सीसी मार्ग पर बने कूड़े के ढेर से दूर-दूर तक बदबू फैल रही है। स्थानीय लोगों के साथ दूर-दूराज से आने वाले श्रद्धालु परेशान हैं।
कस्बे के चक्रलेश्वर मानसी गंगा की ओर जाने वाले मार्ग पर वर्षों से डलाब घर बना हुआ है। यहां मुकुट मुखारबिंद मंदिर से सामग्री चढऩे के बाद फेंक दी जाती है। कूड़ा करकट कई कई दिन तक सड़ता रहता है। सडक़ पर बने इस डलाब घर को नहीं हटाया गया है। सीसी सडक़ के समीप ही प्राचीन भरतपुर रियासत की छतरियां हैं। यहीं से चक्लेश्वर मानसी गंगा की ओर श्रद्धालु स्नान व आचमन के लिए निकलते हैं। मंदिर प्रशासन द्वारा कई कई दिन बाद इस कूड़े के ढेर को फिंकवाया जाता है। सिद्धि सिद्धांत योग एकादमी के योगीराज शैलेन्द्र शर्मा का कहना है कि मंदिर प्रशासन द्वारा कूड़े को दूर ले जाने के स्थाई इंतजाम करने चाहिए। इस मौके पर हरिओम शर्मा, घनश्याम शर्मा, दीपक तिवारी, कैलाशी शर्मा आदि ने जिलाधिकारी से समस्या के समाधान की मांग की है।






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